केसों के लंबित रहने वाले अफसरों-मुलाजिमों की पड़ताल के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत निवारण मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य के सेवा केंद्रों में लंबित मामलों की दर घटकर 0.16 फीसदी रह गई है, जो राज्य के सेवा केंद्रों में लंबित मामलों की अब तक की सबसे कम दर है।
अमन अरोड़ा शुक्रवार को बुलाई बैठक में राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सेवा केंद्रों द्वारा दी जा रही सरकारी सेवाओं और लंबित मामलों की समीक्षा कर रहे थे। अरोड़ा ने डिप्टी कमिश्नरों से ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों, जिनके पास सबसे अधिक केस लंबित हैं, द्वारा केस वापस भेजने के कारणों की पड़ताल करने को कहा। उन्होंने ऐसे अधिकारी व कर्मचारी जो लोगों को सेवाएं देते समय अनावश्यक एतराज लगाकर अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग करते हैं, के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। राज्य में इस समय पर किसी भी कारण केस वापस भेजने के मामलों की दर 0.56 प्रतिशत है।
अरोड़ा ने प्रशासनिक सुधार विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह ऑफलाइन ढंग से दी जा रही सभी सेवाओं को ऑनलाइन मुहैया करवाने के लिए अपने प्रयासों में तेजी लाएं, ताकि ये सेवाएं लोगों को और अधिक पारदर्शी ढंग से मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाने और सेवाएं प्राप्त करने के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या को घटाने की जरूरत पर भी जोर दिया।