पंचकूला। ट्रेन से सफर कर पहुंचने वाले यात्रियों को शहर में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसकी मुख्य वजह यह कि रेलवे स्टेशन का क्षेत्र चंडीगढ़ के दायरे में हैं, जबकि पंचकूला के सेक्टरों में रहने वालों के लिए स्टेशन से आने के लिए बसों का कोई इंतजाम नहीं है।
स्टेशन से बसें चलाने के लिए हरियाणा और चंडीगढ़, यूटी के बीच द्विपक्षीय समझौते हुआ था, लेकिन रूट के विवाद के चलते इसे आज तक लागू नहीं किया जा सका।
इस विवाद का खामियाजा पंचकूला वासियों को भुगतना पड़ रहा है।
सीटीयू और हरियाणा रोडवेज के बीच बसों के संचालन को लेकर द्विपक्षीय समझौता को लागू नहीं किया गया है, नतीजतन आपसी खींचतान का असर रोजाना हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
पंचकूला की ओर रेलवे स्टेशन से कहीं भी जाने के लिए यात्रियों के लिए कुछेक ऑटो खड़े रहते हैं, जो मनमाना किराया वसूलते हैं।
हरियाणा रोडवेज और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग के बीच पंचकूला से पीजीआई के बीच बसों के संचालन को लेकर विवाद बना हुआ है।
सीटीयू, इस रूट पर पीजीआई तक हरियाणा रोडवेज की बसों के संचालन की अनुमति नहीं दे रहा है। उधर, भौगोलिक कारणों की वजह से पंचकूला की तरफ रेलवे स्टेशन से सेक्टरों में बसें संचालित करने से हरियाणा रोडवेज ने सीटीयू को मना कर दिया है।
माना जा रहा है कि दोनों प्रदेशों के बीच जब तक रूटों पर बसों के संचालन को लेकर द्विपक्षीय समझौते को लागू नहीं किया जाता है, जब तक दिक्कत बनी रहेगी।
ऑटो चालक वसूलते मनमाना किराया
रेलवे स्टेशन से पंचकूला सेक्टरों तक पहुंचने के लिए यात्रियाें को अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। आलम यह है कि रात के समय कुछ दूरी के भी ऑटो चालक सौ से दो रुपये तक वसूल कर लेते हैं। जबकि, अन्य कोई साधन मिलता नहीं है।
रात के समय हुई लूट और हत्या
इस मार्ग पर करीब छह माह पहले रिक्शा में सवार होकर यात्री पंचकूला आ रहे थे। इस दौरान सुनसान इलाके में बदमाशों ने यात्री के साथ लूटपाट की थी और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी थी।
बसों की कमी की वजह से सेक्टर वासियों और रोजाना ट्रेनों में सफर करने के बाद लौटने वालों को परेशनी भुगतनी पड़ रही है।
मैंने हरियाणा रोडवेज की 50 अतिरिक्त बसें पंचकूला में संचालित करने की कई बार मांग की है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया जा सका। फिर इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
डीके बंसल, विधायक, पंचकूला
सीटीयू और हरियाणा रोडवेज की बीच द्विपक्षीय समझौते को लागू नहीं किए जाने की वजह से ऐसी दिक्कतें पेश आ रही हैं। सीटीयू ने हमेशा पीजीआई की रूट पर हरियाणा रोडवेज की बसों के संचालन से मना कर दिया है।
रोहताश, जीएम हरियाणा रोडवेज