पंचकूला। जिले में शनिवार रात को आए तूफान के कारण लोगाें को भारी नुकसान हुआ है। पेड़ गिरने, बिजली के खंभे टूटने और बिजली के तार टूटने का असर रविवार दिनभर बिजली व्यवस्था चरमराई रही। शहर में कई जगह 13 तो कई जगह 18 घंटे बाद बिजली की आपूर्ति सुचारु हो पाई। इसके अलावा सड़कों के किनारे पेड़ गिरने और टहनियां टूटने से आवागमन भी प्रभावित रहा। बिजली निगम के अनुसार नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वैसे ट्रांसफार्मर गिरने, खंभे टूटने, बिजली के तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहर में पुराने पेड़ गिरने से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सेक्टर-9 के एंडेल पब्लिक स्कूल की दीवार गिरने से कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
बिजली निगम के एसडीओ सिटी सब डिवीजन के निर्मल सिंह के मुताबिक सेक्टर-7 में ट्रांसफार्मर गिर गया। कमांड अस्पताल के पास बड़े सफेदे गिरने के कारण कई लाइनें ध्वस्त हो गई। टपोरी पार्क और मंडी बोर्ड के पास बिजली का ट्रांसफार्मर लगभग 22 घंटे तक दीवार के सहारे लटका रहा। निगम द्वारा सोमवार को इसे ठीक करवाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र फेज 1 में 2 खंभे टूट गए, सेक्टर-8 में बिजली की तारें टूट गईं, जिन्हें जोड़ने में कर्मचारियों को करीब 5 घंटे का समय लगा। सेक्टर-10 में पेड़ गिरने के कारण 15 घंटे बिजली सप्लाई प्रभावित रही।
एसडीओ सिटी सबडिवीजन के मुताबिक तूफान के कारण शहर में कुछ हिस्सों में 13 घंटे, तो कहीं 18 घंटे बिजली बंद रही। इसके अलावा सेक्टर-10 में बिजली नहीं आने के कारण लोगों ने रविवार को नाराजगी प्रकट की। मकान नंबर-240 से 260 और 451 से 464 तक बिजली शनिवार रात साढ़े 10 बजे चली गई थी, रविवार शाम साढ़े 5 बजे तक बिजली नहीं आई, इस कारण लोगों का सब्र का बांध टूट गया और लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि बिजली निगम के लचर रवैये के कारण लोगों को गर्मी में पूरा दिन गुजारना पड़ा। इसके अलावा कई जगहों पर बिजली की तारें टूटने, जंपर खराब होने के कारण भी लोग परेशान रहे। सेक्टरों में रात 11.30 से सुबह 2 बजे तक बिजली बंद रही।
कुछ सेक्टरों में सुबह के समय बिजली बहाल हुई है। तेज आंधी तूफान की वजह से कई जगह पेड़ गिरे। इसमें सेक्टर-9 में एक कार के ऊपर पेड़ गिर गया। इसके अलावा 12,14, 17 में पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर पड़ी। स्थानीय निवासी एनके धीर, एसएस वधावन, सुभाष मेहरा, केके वर्मा, जगदीप गर्ग, विनोद आहूजा, आरके शर्मा, एसएम शर्मा, किरण, ध्रुव भाटिया, तनु आहूजा, रिंकू, रूपक, पर्थ, कबीर, विनोद ने बताया कि बारिश के बाद रविवार को दिन में काफी गर्मी थी। चिपचिपे पसीने के कारण जीना मुहाल हो गया। बिजली निगम के एक्सईएन और एसडीओ को कई बार फोन किया, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिला। बिजली निगम के शिकायत केंद्र में भी कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बिजली निगम को कुछ ऐसा उपाय करना चाहिए कि जहां बिजली बंद हो वही फाल्ट ढूंढ कर तुरंत ठीक किया जाए।
यह रहती है व्यवस्था
बिजली निगम के मुताबिक किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए शहर में 9 शिकायत केंद्र हैं। उन सभी केंद्रों पर 3-3 टीमें मौजूद होती हैं, जो कि शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचती हैं। आंधी तूफान जैसे हालातों में 27 टीमों के अलावा बिजली निगम के मेंटेनेंस विंग से 100 स्टाफ को फील्ड में बुलाया जाता है। उनसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम लिया जाता है।
इन सेक्टरों में बिजली कट रहा...
सेक्टर-2 में रात 11.30 बजे से सुबह 4 बजे तक 4 घंटे बिजली गुल रही। रविवार सुबह 6 बजे के बजाए 8 बजे पानी की सप्लाई लो प्रेशर के साथ रही। सेक्टर-4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 14, 15, 16 ,17, 18 सहित घग्गर पार के सेक्टरों में रात 11.30 से सुबह 4 बजे तक बिजली गुल रही। पानी का प्रेशर भी कम था।