पंचकूला। महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान शनिवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ हो गया है। पहले दिन महिलाओं ने लौकी और चने की दाल बनाई। महिलाएं सुबह से ही घरों की साफ-सफाई में जुटी रहीं। वहीं, घग्गर तट और अभयपुर में घाटों की साफ सफाई और घाटों का समतलीकरण कराया गया है। 15 साल से व्रत करतीं आ रहीं व्रती साजन ने बताया कि छठ महापर्व का पहला दिन नहाय-खाय कहलाता है। इस दिन व्रत का संकल्प लिया जाता है। शनिवार को सुबह सूर्य निकलने से पहले महिलाओं ने आम की लकड़ी से दातुन किया। दिन में एक बार ही भोजन किया जाता है। इस बार घग्गर नदी पर छठ पूजा में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर महिलाएं ही व्रत रखती हैं लेकिन कुछ पुरुष भी इस व्रत को रखते हैं। शनिवार को महिलाओं ने चने की दाल, लौकी और भात (चावल) का प्रसाद ग्रहण किया। छठ पर्व में पूजा स्थल, प्रसाद और व्रती को साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। इसलिए लोगों ने घरों में साफ-सफाई की। रविवार को खरना होगा। इसमें गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण किया जाएगा। इसके साथ ही शाम से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य और मंगलवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसकी शुरुआत महाभारत काल में हुई थी जब द्रौपदी ने सूर्य देव की उपासना की थी। यह पर्व धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
व्रती पर छठी मैया की कृपा बरसती है
19 साल से व्रत करतीं आ रहीं बिहार के गोपालगंज निवासी शुभा मिश्रा ने बताया कि छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय में लौकी की सब्जी, अरवा चावल, चने की दाल, आंवला की चासनी के सेवन का खास महत्व है। वैदिक मान्यता है कि इससे संतान प्राप्ति को लेकर व्रती पर छठी मैया की कृपा बरसती है। खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस, गुड़ के सेवन से त्वचा रोग, आंख की पीड़ा समाप्त हो जाते है।
5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की पहुुंचने की संभावना
घग्गर नदी पर छठ पूजा कि तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पूजा में शामिल होने के लिए पंचकूला, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। पिछले सालों से छठ पूजा करती आ रही साजन देवी ने बताया कि इस बार उनके बेटे की बहू काजल भी पहली बार व्रत रखा है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है और हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
चार दिवसीय अनुष्ठा
25 अक्तूबर : नहाय-खाय
-26 अक्तूबर: खरना पूजन
-27 अक्तूबर : शाम का अर्घ्य
-28 अक्तूबर : सुबह का अर्घ्य
तैयारियां जोरों पर, सेक्टर-19 में सजेगा भव्य घाट
शहर के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। बाजारों में पूजा सामग्री गन्ना, सूप, डाला और पूजन टोकरी की खरीदारी जोरों पर है। सेक्टर-19 स्थित छठ पूजा समिति द्वारा 27 और 28 अक्तूबर को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियां पूरे उत्साह से की जा रही हैं। समिति के सदस्यों इंद्रजीत यादव, उपेंद्र सिंह, ओम शुक्ला, ओमपाल आर्य, महावीर यादव, अजय मौर्या, सतनाम सिंह, विवेक सिंह, विवेक राणा, सोनू पांडे, नवीन ठाकुर और परदेसी मेहता ने तैयारियों का जायजा लिया। घाट निर्माण के लिए जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है। समिति पदाधिकारियों के अनुसार इस बार लगभग 60 हजार श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोशनी, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जा चुके हैं। घाट को आकर्षक लाइटिंग और सजावट से संवारने का कार्य जारी है।