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Panchkula News: बारिश का कहर... पापा को छतरी देने जा रही नौ साल की मासूम नाले में बही, मौत

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पिंजौर। एक परिवार पर बारिश का कहर बरपा है। शनिवार शाम बरसात से बचाने के लिए पापा को छाता देने जा रही विश्वकर्मा काॅलोनी की दो मासूम बहनों में से एक तेज बहाव में नाले में बह गई। मासूम बच्ची के पानी में बहने की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम, दमकल विभाग सहित पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची की खोज शुरू की। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मासूम बच्ची पिंजौर गार्डन के समीप नाले में मिली। उसे तुरंत सिविल अस्पताल पंचकूला के इमरजेंसी में लाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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माैके पर मिली जानकारी के अनुसार शाम करीब 5 बजे तेज बरसात के दौरान मनु (9) और तनु (11) विश्वकर्मा कालोनी हनुमान मंदिर वाली गली से होते हुए पिता को छतरी देने के लिए बस स्टैंड जा रहीं थीं। हनुमान मंदिर वाली गली विश्वकर्मा कॉलोनी में ढलान होने की वजह से तेज बहाव पानी गली में बह रहा था। जब मासूम बहनें गली में जा रही थी तो इसी दौरान मनु की चप्पल पैर से निकलकर तेज बहाव के साथ पानी में बहने लगी। चप्पल को उठाने के लिए जैसे ही वह नाली के पास पहुंची तो तेज बहाव के चलते नाले में बह गई। जैसे ही लोगों को पता चला तो सूचना पुलिस को दी गई और मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। सभी ने अपने स्तर पर बच्ची को बचाने के लिए ढूंढने की कोशिश की, परंतु सफलता नहीं मिली। नाला कहीं पर खुला है तो कहीं उस पर कंक्रीट की स्लैब पड़ी हुई है तो कई जगह नाला इमारतों के नीचे से गुजरता है। इसके बाद एनडीआरएफ, पुलिस सहित दमकल विभाग की टीम की कोशिशों सहित स्थानीय लोगों के सहयोग से मासूम बच्ची घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर पिंजौर गार्डन मोर्टल के समीप बहते नाले में गंभीर घायल अवस्था में मिली। इसके बाद उसे आनन-फानन में सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन बच्ची नहीं बच सकी। मृतक के पिता बद्दी के निजी कंपनी में काम करते हैं।

मासूम तनू बोली- मम्मी शांत हो जा... कुछ नहीं होगा बहन को
मनु के पानी में बहने की जानकारी जैसे ही उसकी मां को मिली तो वह रोते और घबराई घटनास्थल पर पहुंची। मम्मी की हालत देखकर मासूम तनु मां को धीरज बंधाते हुए कह रही थी कि मम्मी शांत हो जा... बहन को कुछ नहीं होगा। परंतु उस मासूम को क्या मालूम था कि तेज बहाव पानी बहन की जान ले लेगा।
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नाले में जाली लगी होती है तो बस सकती थी मासूम की जान
लोगों ने कहा कि जिस जगह से मासूम बच्ची बह कर नाले तक पहुंची है, वहां अगर जाली लगी होती तो शायद हादसा नहीं होता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जगों पर जाली लगाई जानी चाहिए।
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