संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर के विधायक रमन अरोड़ा के भ्रष्टाचार मामले में महेश मखीजा से हुई पूछताछ के दौरान एक फाइनेंसर का नाम सामने आया है। यही फाइनेंसर विधायक को गाड़ी में बिठाकर प्लॉट दिखता था, उसके बाद ही उगाही शुरू की जाती थी। अब विजिलेंस की टीम विधायक के बेटे और समधी की तलाश कर रही है, जो इस मामले के अहम राजदार बताए जाते हैं।
विधायक अरोड़ा के राजदार महेश मखीजा ने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिसने सभी को चौंका दिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कैसे रमन अरोड़ा शहर की बिल्डिंग और लोगों से पैसा वसूलने के लिए प्लान बनाते थे। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार महेश मखीजा ने बताया कि जालंधर वेस्ट हलके का एक फाइनेंसर हैं। वह शहर की प्रॉपर्टी पर नजर रखता था। फाइनेंसर ही रमन अरोड़ा को बताता था कि किन जमीनों पर कब्जा करना है। इसके साथ वह यह भी बताता था कि किन प्रॉपर्टियों के मालिक मर चुके हैं और किन सरकारी जमीनों पर कब्जा है। इसके साथ ही वही यह भी बताता था कि किन जमीनों को सस्ते दामों में खरीदना है, कहां से 50 फीसदी हिस्सा रखकर उसका मालिक बनना है।
विधायक के समधी राजू मदान ने विधायक से उसकी मुलाकात फाइनेंसर से करवाई थी। वह प्रॉपर्टी की जानकारी निकलवा कर मखीजा को देते और फाइनेंसर उसके पेपर तैयार करवाता था। पेपर तैयार करवाने के बाद वह फिर उसे बेचने के लिए ग्राहक ढूंढते थे। ग्राहक ढूंढने के बाद वह जमीन में अपनी हिस्सेदारी डालकर उसे बेच देते थे। विजिलेंस सूत्रों से पता चला है कि फाइनेंसर जमीनों को कब्जा करने के बाद खुद के पैसे इसमें इनवेस्ट करके मोटी कमाई करता था।
जेपी नगर में खाली प्लाट पर कब्जे की सलाह भी फाइनेंसर ने ही दी थी। फाइनेंसर ने एक दर्जी से भी उनकी मुलाकात करवाई थी। ऐसे में फाइनेंसर भी शहर की कई बेनामी प्रॉपर्टियों में हिस्सेदार बन बैठा। फाइनेंसर अब लग्जरी गाड़ियों में घूमता है। फाइनेंसर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की कई और परतें भी खुलेंगी जैसे करोड़ों की ग़बन की ज़मीन जिसके बीच नहर चोरी वाली भी शामिल है।