चंडीगढ़। माल्टा की फार्मा रेगुलेटरी सर्विसेज लिमिटेड से करीब 6 करोड़ स्पूतनिक वैक्सीन डोज आपूर्ति के प्रस्ताव को लेकर हरियाणा सरकार विचार कर रही है। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद ही इसको लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके यह जानकारी दी।
वैक्सीन की कमी के कारण प्रदेश सरकार की ओर से एक करोड़ डोज के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला गया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में किसी भी कंपनी ने हिस्सा नहीं लिया। सरकार ग्लोबल टेंडर के लिए दोबारा तैयारी कर रही थी, इसी बीच सीधे माल्टा की फार्मा रेगुलेटरी सर्विसेज लिमिटेड ने हरियाणा सरकार को दवा सप्लाई का प्रस्ताव भेजा है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह 6 करोड़ डोज की आपूर्ति कर सकती है। हालांकि अभी सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि इस कंपनी ने ग्लोबल टेंडर में हिस्सा नहीं लिया था। फिर भी सरकार हालात को देखते हुए इस प्रस्ताव को गंभीरता से ले रही है।
15 जून को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक होनी है। इस बैठक में ही इसको लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। सरकार की ओर से टेंडर में यह शर्त लगाई गई थी कि वह किसी एजेंट या सप्लायर से दवा नहीं लेगी, बल्कि खुद निर्माता कंपनी ही इसमें हिस्सा ले सकेगी। अब देखना यह है कि माल्टा को इसकी इजाजत सरकार देगी या नहीं।
अभी धीमा चल रहा है टीकाकरण
इस समय हरियाणा के पास वैक्सीन की कमी है। हालांकि सरकार की ओर से केंद्र को 250 करोड़ रुपये के 50 लाख डोज के आर्डर दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके मुताबिक दवा नहीं मिल रही है। इसी के चलते युवाओं का टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। 1 मई से 18 से 44 साल के युवाओं का टीकाकरण शुरू किया गया था, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण अब युवाओं को कोविन पोर्टल पर स्लॉट नहीं मिल रहे हैं। पंजीकरण हो रहा है, लेकिन उनको टीके लिए तिथि नहीं मिल रही है। दूसरी डोज के लिए भी लोगों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अब तक हरियाणा में 60 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 साल से ऊपर आयु के लोग शामिल हैं। टीकाकरण में युवाओं की संख्या काफी कम है।