संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। शाहपुर कंडी के नजदीक गांव कोट के एक किसान ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा खराब बीज देने का आरोप लगाया है। किसान का आरोप है कि खराब बीज के कारण आठ एकड़ में लगाई धान की फसल खराब हो चुकी है। इस किसान ने पंजाब सरकार और संबंधित विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है। उधर, इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर प्रशिक्षण डाक्टर विक्रम जीत सिंह ने कहा कि धार ब्लॉक में धान की फसल पर सफेद तेला ने हमला किया जिसके कारण फसल खराब हो रही है।
पीड़ित किसान गुर सिंह के अनुसार धान की फसल की बुआई के लिए उसने कृषि विज्ञान केंद्र से 131 एवं 132 परमल का बीज खरीदा था। किसान ने करीब डेढ़ माह पहले अपनी आठ एकड़ जमीन में धान के बीज की बुआई कर दी थी। खराब बीज होने की वजह से उसकी सारी की सारी फसल लगभग खराब हो चुकी है। उसकी दो एकड़ जगह अपनी है और बाकी की छह एकड़ उसने ठेके पर ली है। धान की फसल की बुआई पर अब तक उसका करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अब उसकी सारी की सारी फसल खराब हो चुकी है। जिसकी वजह से वह आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना कर रहा है। पीड़ित किसान ने इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र घोह के डॉक्टरों को भी बताया था। इसके बाद डॉक्टरों ने उनको फसल में डालने के लिए दवा लिखवाई थी, जिसे उसने स्प्रे कर दिया।
उसके बाद जिंक और यूरिया डाला। उसकी फसल फिर खराब हो गई है। किसान ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उसे उसकी खराब हुई फसल का मुआवजा दिया जाए नहीं तो वह संबंधित विभाग पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में खेतीबाड़ी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र की टीमों ने गांवों में जाकर लोगों को जागरूक भी किया हैं। कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र से मिल रहे बीज में कोई भी खराबी नहीं है।