पंचकूला। मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण बच्चोंं की मौत के बाद पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के औषधि विभाग सख्त हो गया है। जिले में दवा के थोक विक्रेता, दवा बनाने वाली कंपनी सहित मेडिकल स्टोर के सैंपल लिए जाएंगे। इसकी शुरुआत हो चुकी है। शनिवार और रविवार को औषधि विभाग ने आठ सैंपल लिए हैं।
पंचकूला जिला ड्रग कंट्रोलर अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि हरियाणा खाद्य एवं औषधि विभाग के निर्देश पर जांच की जा रही है। इसमें सेक्टर-20 स्थित इंडोपिट फार्म केे तीन सैंपल लिए गए हैं। वहीं, फेवकॉन के तीन और औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 रिषभ केमिस्ट कंपनी के दो सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब भेजा गया है। उन्होंंने बताया कि जिले के सभी फार्मास्युटिकल कंपनी और मेडिकल स्टोर पर सप्लाई होने वाले कफ सिरप और कफ सिरप मेंं इस्तेमाल होने वाले ग्लिसरीन सहित अन्य केमिकल के सैंपल भरे जा रहे हैं। वहीं, सभी कफ सिरप के सैंपल की जांच करते हुए दवा कंपनी और दवा व्यवसायियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं नहीं बेची जाए और मानक के अनुसार ही दवाएं बेची जाएं।
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रिपोर्ट में खराबी आने पर करेंगे सख्त कार्रवाई
प्रवीन कुमार ने बताया कि अभी तक आठ सैंपल लिए गए हैं। सैंपल अब सोमवार से और तेजी से लिए जाएंगे। जिले में किसी भी प्रकार से खराब कफ सिरप न बिके इसके लिए जांच की जा रही है। अगर किसी भी सैंपल की रिपोर्ट खराब पाई गई तो कंपनी और दुकानदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही जुर्माना लगाया जाएगा।
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सभी जिला के ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी दुकानों की जांच की जाए। अगर जांच में किसी भी दवा की फैक्टरी, दवा के थोक विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर मेंं अगर खराब कफ सिरप और प्रतिबंधित दवाएं पाई जाती हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ललित गोयल, ड्रग कंट्रोलर, हरियाणा औषधि विभाग