कम्युनिटी सेंटर पर निगम का कब्जा, खाद बनाने के लिए तैयार 30 लाख का शेड हुआ बेकार
पानी, सड़क, सफाई व अतिक्रमण से जूझ रहे सेक्टर-12, 12ए और रैली-रैला के लोग
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। वार्ड नंबर-11 के सेक्टर-12, 12ए, रैली और रैला गांव के निवासी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। 36 साल के लंबे संघर्ष के बाद बनी डिस्पेंसरी भी लोगों के काम नहीं आ रही और अब उसे ऑफिस में तब्दील कर दिया गया है। हालात यह हैं कि पॉश माने जाने वाले ये क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
डिस्पेंसरी बनी ऑफिस, कम्युनिटी सेंटर पर कब्जा
सेक्टर-12 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार की गई डिस्पेंसरी को आयुष विभाग के एस्टेट ऑफिस के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उद्घाटन के समय किए गए वादे अधूरे रह गए और अब मरीजों को इलाज के लिए दूसरे सेक्टरों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं लोगों के सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बना कम्युनिटी सेंटर भी नगर निगम के कब्जे में है, जहां अस्थायी तौर पर कार्यालय चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में भेदभाव हो रहा है और उनके प्रस्ताव वर्षों से फाइलों में लंबित पड़े हैं, जिससे पॉश सेक्टरों की पहचान लगातार धूमिल हो रही है।
30 लाख खर्च, बेकार पड़ा शेड
सेक्टर-12 निवासी राकेश अग्रवाल ने बताया कि पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान पर करीब 30 लाख रुपये की लागत से खाद बनाने का शेड बना दिया गया। स्थानीय विरोध के बाद काम रोक दिया गया, लेकिन अब यह ढांचा कबाड़ बनकर खड़ा है और सरकारी धन की बर्बादी दर्शा रहा है।
अतिक्रमण, बदहाल शौचालय और पशुओं का आतंक
स्थानीय निवासी जस्सी के अनुसार रैली और रैला गांव में अतिक्रमण ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सड़कों पर रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा है और सार्वजनिक शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि उनका उपयोग करना मुश्किल है। सड़कों पर लावारिस कुत्तों और पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
टूटी सड़कें, सफाई व्यवस्था लचर
स्थानीय निवासी सुभाष ने बताया कि सेक्टर की आंतरिक सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। नालों की सफाई नियमित न होने से गंदगी और बदबू से लोग परेशान हैं।
मुख्य समस्याएं जो बनी मुसीबत
अतिक्रमण और वेंडिंग जोन की कमी से सड़कें संकरी
जर्जर सड़कें, बढ़ता हादसों का खतरा
सफाई व्यवस्था कमजोर, नालों में गंदगी
आवारा पशुओं से ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संकट