दृष्टिहीन लोग अब हर तरह का ऑफलाइन और ऑनलाइन रीडिंग मैटीरियल आसानी से पढ़ सकेंगे। सीएसआईओ-सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने दिव्य नयन नाम का एक डिवाइस बनाया है। यह हर तरह के रीडिंग मैटीरियल को बोलकर सुनाएगा। इसके लिए डिवाइस को एक बार रीडिंग मैटीरियल के ऊपर से गुजारना है, जिससे डिवाइस मैटीरियल को स्कैन कर लेगा।
दिव्य नयन के डेवलपर आशीष गौरव ने बताया कि डिवाइस में करीब दस हजार पेज सेव करने की क्षमता है। इसके साथ ही एक बार चार्ज होने के बाद डिवाइस लगभग 50 पेजों को स्कैन कर पढ़ सकता है। इसमें सबसे अच्छी चीज यह है कि इसका इस्तेमाल आप बिना इंटरनेट के भी कर सकते हैं। इंटरनेट की जरूरत सिर्फ ऑनलाइन मैटीरियल पढ़ने के लिए ही पड़ेगी। यह डिवाइस भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषा के मैटीरियल को पढ़ने में भी सक्षम है।
सीएसआईआर-सीएसआईओ ने डिवाइस ‘दिव्य नयन-पर्सनल रीडर फॉर द विजुअली इंपेएर्ड’ को सोमवार को सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) को हस्तांतरित किया। ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) समझौते पर सीईएल की ओर से सीएमडी सीईएल बीएन सरकार और बीआईपीपी, सीएसआईओ के हेड और प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सुरिंद्र सिंह सैनी ने हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर बीएन सरकार ने कहा कि उन्होंने इस डिवाइस को पहली बार विज्ञान भवन में एक प्रदर्शनी के दौरान देखा था, लेकिन अब इस डिवाइस में कई तरह के सुधार किए गए हैं। प्रदर्शनी में सीएसआईओ की तरफ से कई उपकरण प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन उनकी नजर इस उपकरण पर टिक गई। उन्होंने इसे चुना क्योंकि यह दृष्टिहीनों की जिंदगी को रोशन करने में सक्षम है।
टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर के समय सीएसआईआर-सीएसआईओ के डायरेक्टर प्रो. आरके सिन्हा और अन्य वैज्ञानिक व स्टाफ भी मौजूद रहा। सीईएल के सहायक महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सीईएल यह सुनिश्चित करेगी कि कम समय में बड़ी संख्या में उपकरणों का उत्पादन किया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।
क्या है दिव्य नयन
दिव्य नयन एक ऐसा डिवाइस है जो दृष्टिहीन लोगों को किताबें व अखबार को पढ़ने में मदद करेगा। यह एक तरह से स्पीच कनवर्टर है। यह किसी भी लेख या शब्द को स्कैन करेगा और फिर स्पीच में बदल देगा। इसके बाद आसानी से दृष्टिहीन लोग किताबें और अखबार पढ़ सकेंगे। यह हिंदी, अंग्रेजी सहित भाषाओं में उपलब्ध है।