पंचकूला। एक छोटी सी लापरवाही उपभोक्ता पर भारी पड़ गई लेकिन अब उपभोक्ता फोरम ने उसे न्याय दिलाया है। फोरम ने साफ कहा कि डीलर की गलती की सजा उपभोक्ता को नहीं दी जा सकती। फोरम ने आदेश दिया कि चंडीगढ़ के जोशी वेंचर प्राइवेट लिमिटेड उपभोक्ता को 30,510 रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 20 मई 2020 से लौटाए। इसके अलावा 5,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के लिए और 5,500 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में भी देने होंगे।
गांव नानकपुर तहसील कालका निवासी महिंदर सिंह ने 28 फरवरी 2020 को जोशी वेंचर प्राइवेट लिमिटेड से कार खरीदी थी। डीलर ने अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर तो जारी किया लेकिन उसमें बड़ी गलती कर दी। रजिस्ट्रेशन कोड के स्थान पर एचआर-03 (पंचकूला) लिखा गया, जबकि महिंदर सिंह का पता कालका क्षेत्र (एचआर-49) में आता है। जब महिंदर सिंह ने 18 मार्च 2020 को एसडीएम कालका दफ्तर में पुरानी कार का नंबर नई कार पर ट्रांसफर करवाने की कोशिश की तो यह गलती सामने आई। एसडीएम दफ्तर ने आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि अस्थायी नंबर गलत आरएलए कोड से जारी हुआ है। महिंदर सिंह ने डीलर को बताया लेकिन जवाब मिला की सुधार तो हेड ऑफिस से ही होगा। इसी बीच 25 मार्च 2020 से देशभर में लॉकडाउन लग गया और सारे सरकारी दफ्तर बंद हो गए। लॉकडाउन खत्म होने के बाद 20 मई 2020 को रजिस्ट्रेशन करवाते समय महिंदर सिंह को भारी जुर्माना भरना पड़ा। उन्होंने कुल 1.41 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन के लिए। इसके अलावा 28 हजार 170 रुपये जुर्माना और 2 हजार 340 रुपये ब्याज यानी कुल 30 हजार 510 रुपये सिर्फ देरी से रजिस्ट्रेशन के कारण देने पड़े।