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Panchkula News: वन विभाग में खैर कांड की जंग थाने तक पहुंची

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पंचकूला। हरियाणा के वन विभाग में चल रहा बहुचर्चित खैर कांड अब प्रशासनिक विवाद से निकलकर पुलिस और कानूनी लड़ाई में बदल गया है। विभाग के पूर्व प्रमुख रहे सेवानिवृत्त पीसीसीएफ जी. रमन ने शनिवार को वन दरोगा विजय कुमार के खिलाफ पंचकूला पुलिस को नौ पन्नों की विस्तृत शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में ब्लैकमेलिंग, मानहानि, सोशल मीडिया पर अपमानजनक अभियान चलाने और महिला अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने जैसे आरोप शामिल हैं।
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जी. रमन ने पुलिस उपायुक्त को दी शिकायत में कहा है कि विजय कुमार ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से उनके और एक महिला आईएफएस अधिकारी के खिलाफ झूठा और अपमानजनक अभियान चलाया। आरोप है कि दरोगा ने उन पर खैर चोरी के निराधार आरोप लगाए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि दरोगा ने सरकारी तंत्र को ब्लैकमेल करने और अदालत से जुड़े सबूत छिपाने जैसे गंभीर कृत्य किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालका के सहायक पुलिस आयुक्त ने विजय कुमार को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है।
शिकायत में एक अन्य गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मनरेगा घोटाले से जुड़ी जांच के दौरान जब विजिलेंस विभाग को जरूरी दस्तावेज नहीं मिल पा रहे थे, तब दरोगा ने स्वयं स्वीकार किया कि घोटाले से जुड़े असली मस्टर रोल उसके पास हैं। आरोप है कि उसने इन दस्तावेजों को अपने घर और अन्य लोगों के पास रखकर न्यायिक प्रक्रिया से दूर रखा। पूर्व पीसीसीएफ का कहना है कि इस तरह सरकारी रिकॉर्ड छिपाना कानूनन गंभीर अपराध है। मामले में कबूतरबाजी और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार दरोगा ने अपने बेटे को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के लिए विदेश यात्रा की और इस पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक पूर्व अधिकारी द्वारा सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग और शून्य मीटर रीडिंग के साथ वाहन लौटाने जैसी बातें भी दस्तावेजों में सामने आई हैं। हालांकि विजय कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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विजय कुमार के पासपोर्ट की जांच की मांग
शिकायत में यह दावा भी किया गया है कि दरोगा ने फॉरेस्टर के पद पर पदोन्नति पाने के लिए उच्च अधिकारियों और क्लर्कों को करीब साढ़े चार लाख रुपये की रिश्वत देने की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा पासपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पूर्व पीसीसीएफ ने पुलिस से मांग की है कि विजय कुमार के पासपोर्ट की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि कहीं गलत जानकारी देकर दस्तावेज तो नहीं बनवाया गया। उनका कहना है कि विभागीय जांच से बचने के लिए दरोगा विदेश जाने की योजना बना सकता है।
आरोप निराधार : वन दरोगा
दूसरी ओर, वन दरोगा विजय कुमार ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया है। उनका कहना है कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने पंचकूला में हुए करोड़ों रुपये के खैर चोरी के मामले को वन मंत्री के संज्ञान में लाया था। विजय कुमार ने सहायक पुलिस आयुक्त कालका को पत्र लिखकर शिकायत की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है और कहा है कि बिना ठोस आधार के उन्हें नोटिस भेजकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

अमेरिका से बेटे ने पीएम और सीएम से लगाई सुरक्षा की गुहार
इस विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अमेरिका में रह रहे विजय कुमार के बेटे विवेक कुमार ने प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर अपने पिता की सुरक्षा की मांग की। विवेक का दावा है कि भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने के बाद उनके पिता को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।

क्या है खैर कांड
पंचकूला क्षेत्र में खैर की लकड़ी की कथित चोरी और उससे जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। वन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर इस मामले में आरोप लगते रहे हैं। इसी प्रकरण को लेकर विभाग के भीतर मतभेद गहराते गए और अब यह मामला आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस जांच तक पहुंच गया है।
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