चंडीगढ़। गलवां घाटी में बेमिसाल बहादुरी दिखाने वाले पंजाब के पांच शहीदों के सम्मान के तौर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को शहीदों के पैतृक गांवों के विकास के लिए 25-25 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दे दी। पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न कल्याण स्कीमों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह विनम्र प्रयास है कि गलवां घाटी के शहीदों के गांवों का विकास किया जाए।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 3 मीडियम रेजिमेंट के नायब सूबेदार मनदीप सिंह के गांव सील (पटियाला), 3 मीडियम रेजिमेंट के नायब सूबेदार सतनाम सिंह के गांव भोजराज (गुरदासपुर), 3 पंजाब के वीर चक्र अवॉर्डी सिपाही गुरतेज सिंह के गांव बीरेवाल डोगरा (मानसा), 3 पंजाब के सिपाही गुरबिंदर सिंह के गांव तोलेवाल (संगरूर) और 58 इंजीनियर रेजिमेंट के लांस नायक सलीम खान के गांव मरदांहेड़ी (पटियाला) के विकास के लिए 25-25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन पांच गांवों के विकास के लिए 1.25 करोड़ रुपये मंजूर करने के अलावा मुख्यमंत्री ने पंजाब स्टेट वॉर हीरोज मेमोरियल एंड म्यूजियम अमृतसर के लिए भी 18 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया पूर्व सैनिकों, युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं और उनके पारिवारिक सदस्यों के लिए मानसा और शहीद भगत सिंह नगर में सैनिक रेस्ट हाउस के निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। मुख्यमंत्री ने फाजिल्का जिले के आसफवाला में वॉर मेमोरियल के नवीनीकरण और विक्ट्री टावर के निर्माण के लिए 39.50 लाख रुपये जारी करने की भी मंजूरी दे दी।
उल्लेखनीय है कि यह मेमोरियल 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान फाजिल्का क्षेत्र में शहादत पाने वाले सैनिकों की याद में बनाया गया था।