पंचकूला। सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी सुखविंदर सिंह (55) की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी 12 साल से अदालत की कार्यवाही से अनुपस्थित था और उसे प्रोक्लेम्ड पर्सन (घोषित अपराधी) घोषित किया गया था। सुखविंदर मूलरूप से फिरोजपुर पंजाब का रहने वाला है।
आरोपी के खिलाफ थाना पिंजौर में 14 जनवरी 2012 को ट्रक में ओवर लोड वजन ले जाने के चलते मामला दर्ज हुआ था। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आरोपी ने 20 सितंबर 2025 को कालका की एसडीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उसे 26 सितंबर तक अंतरिम जमानत पर रिहा किया जो बाद में बढ़ाई गई। लेकिन 3 अक्तूबर 2025 को नियमित जमानत की सुनवाई के दौरान अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी और उसे दोबारा हिरासत में ले लिया गया। अदालत ने रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि आरोपी को पहले भी 2012 में गिरफ्तार कर जमानत दी गई थ, लेकिन वह उसी साल जून में अदालत में पेश नहीं हुआ। उसकी जमानत 20 सितंबर 2013 को रद्द कर दी गई थी। अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी ने 12 साल तक फरार रहने का कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया और अगर उसे दोबारा जमानत दी गई तो उसके फिर से फरार होने की आशंका बनी रहेगी।