संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। लुधियाना-बठिंडा ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे (एन एच-654 ए डी) निर्माण के लिए हलवारा स्थित बाबा माणक शाह जी की दरगाह ढहाने के आदेश से धार्मिक तनाव उत्पन्न हो गया है। दरगाह के श्रद्धालुओं का आरोप है कि लोगों की सहमति लिए बिना 100 वर्ष से अधिक पुरानी दरगाह को नेशनल हाईवे में लेकर ढहाए जाने की अधिसूचना जारी करना सरकारी जबर से कम नहीं है।
दरगाह के मुख्य सेवादार साईं बूटा सिंह, हलवारा के 8 नंबरदार और सरपंच सुखविंदर सिंह के हस्ताक्षर किए पत्र लेकर हलवारा और इलाके के अन्य गांव निवासियों ने रायकोट के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार को मांग पत्र देकर दरगाह बचाने की फरियाद की है। साईं बूटा सिंह, सरपंच सुखविंदर सिंह और नंबरदारों ने कहा कि आजादी से पहले जब हलवारा अस्तित्व में आया था तो मुसलमानों की अधिकतर आबादी वाले इस गांव में बाबा माणक शाह जी की दरगाह का निर्माण किया गया था। पिछले 30 साल से साईं बूटा सिंह दरगाह की सेवा करते आ रहे हैं। पहले उनके पिता साईं भजन सिंह सेवा संभाल करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की नफरत फैलाने वाली मानसिकता के कारण दरगाह को ढहाने की तैयारियां कर ली हैं। लोगाें ने विधायक से मांग की कि संबंधित अधिकारियों को हाईवे के रास्ते को तब्दील करवाने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दरगाह को ढहाने की कोशिश भी की गई, तो सरकार को परिणाम भुगतने होंगे। मौके पर नंबरदार जसवंत सिंह ढिल्लों, हरमेल सिंह, गुरनाम सिंह, मेवा सिंह,दविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, बबलदीप सिंह और जसविंदर सिंह धालीवाल, किसान नेता अमरीक सिंह हलवारा, शिंगारा सिंह, रशमिंदर सिंह धालीवाल, झलमण सिंह ढिल्लों, किरपाल सिंह हलवारा, अमरपाल सिंह ढिल्लों, जसवीर सिंह हलवारा और दर्शन सिंह बुर्ज लिट्टां भी मौजूद रहे।