ट्रायल टीम ने सेट को वापस कालका स्टेशन भेजा, कालका स्टेशन पर बाहर से आए तकनीकी विशेषज्ञ कर रहे हैं जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। वर्ल्ड हेरिटेज कालका-शिमला रेलमार्ग पर वीरवार को ट्रेन सेट (सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट) का ट्रायल तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो पाया। पहले दिन कालका से सुबह करीब 10:50 बजे ट्रेन सेट को रवाना किया गया, जोकि करीब आधा किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद आगे नहीं जा सका। ड्राइवर के केबिन वाले कोच के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण ट्रेन सेट को वापस कालका रेलवे स्टेशन भेज दिया गया। ट्रायल पर रवाना करने से पहले रेल अधिकारियों ने नारियल फोड़कर ट्रायल इसका शुभारंभ किया था। ट्रेन सेट को फिलहाल सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरिज एवं वैगन कार्यालय के सामने खड़ा किया गया है। वहां इंजीनियर इसकी जांच कर रहे हैं। ट्रेन सेट के ट्रायल के लिए आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) की टीम लखनऊ से कालका पहुंची है।
शिमला तक जाना था ट्रेन सेट
कालका रेलवे स्टेशन अधीक्षक सीताराम मीणा ने बताया कि (सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट) ट्रायल के दौरान वीरवार को कालका से शिमला तक जाना था। अगले दिन शिमला से कैथलीघाट के बीच इसका ट्रायल होना था। करीब 10:50 बजे ट्रेन सेट कालका से रवाना हुआ जोकि तकनीकी खामी के कारण कालका रेलवे स्टेशन पर 11:30 बजे वापस आ गया था। पहले दिन 20 की स्पीड से ट्रायल किया जाना था। ट्रेन सेट में ट्रायल के दौरान आरडीएसओ की टीम, बेंगलुरु के इंजीनियर सहित दिल्ली और अंबाला के रेल अधिकारी मौजूद थे। ट्रेन सेट में कुल तीन कोच लगे हैं। इसमें दो ड्राइवर सीट वाले कोच हैं। इसमें 19-19 और मध्य वाले कोच में 23 यात्री बैठ सकते हैं।
इस ट्रेन सेट में तीन कोच हैं। जिसमें कुल छह इंजन है। ड्राइवर केबिन वाले कोच के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के चलते करीब आधा किलोमीटर के बाद ट्रेन सेट को वापस कालका रवाना कर दिया गया। इंजीनियर जांच कर रहे हैं। - मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला