कांग्रेस ने तरनतारन सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी ने करणबीर सिंह बुर्ज को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से उनके नाम का एलान किया गया है। इसके अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद करणबीर सिंह के नाम की घोषणा की गई है।
करणबीर सिंह बुर्ज कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष हैं और पिछले काफी समय से हलके में सक्रिय हैं। वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह उपचुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए अहम है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी शुक्रवार को पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यह सीट जून में आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन आप ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।
सभा में घोषणा, संधू आपकी पसंद
तरनतारन में ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीम मान ने कहा कि हरमीत संधू आपकी पसंद हैं। वे उपचुनाव में आप के उम्मीदवार होंगे। यह घोषणा स्थानीय समर्थकों के बीच उत्साह लेकर आई, क्योंकि संधू तरनतारन से तीन बार विधायक रह चुके हैं। वे 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में, जबकि 2007 और 2012 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर चुने गए थे।
हालांकि, 2017 और 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जुलाई 2025 में संधू ने आप का दामन थाम लिया था, और तब से वे पार्टी के तरनतारन जिला प्रभारी भी हैं। हरमीत सिंह संधू तरनतारन के प्रमुख पंथिक चेहरों में से एक हैं। वे पूर्व सांसद सूरिंदर सिंह कैरों के परिवार से जुड़े हैं और 2002 में शिरोमणि अकाली दल टिकट न मिलने पर निर्दलीय जीत हासिल की थी।
वहीं, 2024 में शिरोमणि अकाली दल से इस्तीफा देने के बाद वे आप में शामिल हुए, जहां सीएम मान और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने उनका स्वागत किया था। आप ने संधू को चुना क्योंकि वे स्थानीय मुद्दों, खासकर ग्रामीण और कृषि समस्याओं पर मजबूत पकड़ रखते हैं। जुलाई में आप ने उन्हें तरनतारन हलका इंचार्ज भी नियुक्त किया, हालांकि इससे स्थानीय नेताओं में असंतोष भी पैदा हुआ था। वहीं, पंजाब में 2022 से अब तक आप को सातवां उपचुनाव का सामना करना पड़ रहा है।