पंजाब में पराली जलाने के मामले कम नहीं होने पर अब सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। पराली जलने पर अब संबंधित नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई का प्रावधान शामिल है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों के बाद ही अब कार्रवाई की तैयारी है। सभी डिप्टी कमिश्नरों और जिला मजिस्ट्रेटों को इसकी शक्ति दी गई है।
आदेशों के अनुसार अब डीसी उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे जिनके क्षेत्राधिकार में पराली जलाने के मामले सामने आएंगे। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दाखिल की जा सकेगी। इसमें स्टेशन हाउस ऑफिसर, पर्यवेक्षी और नोडल अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने हाल ही में सभी राज्यों के साथ बैठक की थी ताकि पराली जलाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सके। इसके बावजूद बॉर्डर एरिया में पराली जलाने के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
आयोग ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले प्रदेश का दौरा किया था और साथ ही उन हॉटस्पॉट जिलों में विशेष नजर रखने के निर्देश दिए थे जिनमें सबसे अधिक पराली जलती है। फिलहाल अमृतसर जिले में सबसे अधिक पराली जल रही है। शुक्रवार को पराली जलाने के 95 मामले सामने आए थे जिसमें अकेले अमृतसर के ही 55 थे। इसी तरह तरनतारन में 11 मामले सामने आए।
अब पटियाला में पराली जलाने के केस बढ़ने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को जिले से पराली जलाने के 10 मामले सामने आए। इस दौरान सरकार ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर में ढाई लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया और 65 अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया।