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Panchkula News: एक करोड़ से टैंक बनाया, दो साल बाद भी नहीं मिला पानी

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धरला पंचायत में बना वाटर बूस्टर।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मोरनी। धरला पंचायत में लाखों की लागत से बना वाटर बूस्टर और टैंक 2022 में तैयार हुआ, लेकिन बिजली कनेक्शन के अभाव में आज तक यह शुरू नहीं हो सका है। इस परियोजना का उद्देश्य दाबसू नदी से धरला पंचायत और आसपास के गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराना था। एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस परियोजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। लोग आज भी पानी की किल्लत झेलने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन के लिए जरूरी धनराशि जारी की जाए और परियोजना को शुरू किया जाए, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके। यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। लोगों के अनुसार ऐसा नहीं कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। सब कुछ पता होने के बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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लोगों के अनुसार इस समस्या की वजह जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूस्टर पंप तक बिजली की हाई-पावर लाइन पहुंचाने के लिए जरूरी धनराशि जमा न कराना है। विभाग लगभग 40 लाख रुपये जमा नहीं कर पाया है, जिससे यह परियोजना अब तक अधर में लटकी हुई है। स्थानीय जनता का कहना है कि विभाग एक इसी काम को लेकर अनदेखी नहीं है विभाग से जुड़े किसी भी कार्य को समय पर पूरा अभी किया जाता है। न ही जनता की मांग को का समय पर समाधान किया जाता है।


पंचायत के लोगों में रोष

टैंक बनकर तैयार हुआ, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। हम पानी के लिए अभी भी तरस रहे हैं, साथ ही दूषित पानी पर निर्भर हैं। विभाग की लापरवाही के कारण जनता परेशान है। -दीनदयाल, ग्रामीण
इस समस्या को कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो जनता सड़कों पर उतरेगी। जमीन दान करने का लाभ समय पर नहीं हुआ। - महिपाल, जमीन दान करने वाले


हमने सुना था कि यह परियोजना हमारी पानी की समस्या दूर करेगी, लेकिन यह केवल दिखावे के लिए बना है। गांवों में पानी की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। विभाग लापरवाही से काम कर रहा है। जल्द से जल्द पैसा जमा करवाकर परियोजना को पूरा करना चाहिए। - रतन सिंह, किसान
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यह परियोजना विभाग की विफलता को दर्शाती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए। - मनोज कुमार, सरपंच, धारला पंचायत
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