फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: एमडीसी में स्वाइन फ्लू की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीसी में स्वाइन फ्लू की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
विज्ञापन

सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोज 50 से ज्यादा मरीज 72 घंटे में राहत न मिले तो एच1एन1 जांच की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मौसम में बदलाव के बीच पंचकूला में स्वाइन फ्लू का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। एमडीसी में एक मरीज के एच1एन1 पॉजिटिव मिलने के बाद निगरानी और जांच तेज कर दी गई है। सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से ज्यादा मरीज बुखार, जुकाम, खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तीन दिन तक एंटीपायरेटिक और एंटीबायोटिक लेने के बाद भी बुखार में राहत न मिले तो इसे सामान्य वायरल न समझें और एच1एन1 की जांच कराएं।
शुरुआत में सामान्य वायरल जैसे लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य जुकाम और वायरल जैसे ही होते हैं। इनमें बुखार, जुकाम, खांसी, बदन दर्द, मायाल्जिया और नींद में परेशानी शामिल हो सकती है। इसी वजह से लोग कई बार खुद ही दवा लेना शुरू कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है।
विज्ञापन

72 घंटे में राहत नहीं तो कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुखार, सर्दी-जुकाम और बदन दर्द जैसे लक्षण 72 घंटे तक बने रहें और दवा से राहत न मिले तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। ऐसे मरीजों में एच1एन1 संक्रमण की आशंका को देखते हुए नेजोफैरिंजियल स्वैब और आवश्यक ब्लड इन्वेस्टिगेशन कराया जाना चाहिए। समय पर पहचान से गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
डेंगू-मलेरिया फिलहाल नियंत्रण में
जिले में डेंगू और मलेरिया की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन बरसात को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध मरीजों की आरटी-पीसीआर टेस्टिंग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा वर्करों के जरिये स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के लक्षणों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन

प्रभारी समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम डॉ. सोनू अरोड़ा ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल संक्रमण के मामलों पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीजों की जांच और निगरानी जारी है। लोगों को हाथों की स्वच्छता रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने की सलाह दी गई है। इम्यूनो-कॉम्प्रोमाइज्ड मरीजों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें