एसीबी के समक्ष सरेंडर करने के बाद आरोपी स्वाति तोमर को अदालत में किया पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला से जुड़े एफडी घोटाले के मामले में जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के समक्ष सरेंडर करने के बाद आरोपी स्वाति तोमर को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में रखी गई एफडीआर में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में निगम और बैंक के रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर अंतर पाया गया है।
जांच में सामने आया कि नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार 16 एफडीआर करीब 145 करोड़ रुपये की थीं, जिनकी मैच्योरिटी वैल्यू करीब 158 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं बैंक रिकॉर्ड में यह आंकड़े मेल नहीं खाते और खातों में राशि अपेक्षा से काफी कम पाई गई।
एसीबी जांच में कुछ ऐसे बैंक खाते भी सामने आए हैं जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। साथ ही बैंक स्टेटमेंट और निगम दस्तावेजों में कई विसंगतियां मिली हैं, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका और गहरा गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एसीबी दस्तावेजों और बैंक खातों के मिलान के साथ मामले की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी से कई अहम जानकारियां मिली हैं और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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स्वाति तोमर के खातों में करोड़ों के लेनदेन का खुलासा
पंचकूला। पूछताछ में स्वाति तोमर ने दावा किया कि उसके नाम पर तीन बैंक खाते खोले गए थे जिनमें उसकी आईडी और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया लेकिन इन खातों का संचालन अन्य आरोपियों ने किया था। उसे खातों में कितनी राशि आई और गई, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। जांच के दौरान एसीबी को अहम सुराग मिले हैं। वर्ष 2020 से 2023 के बीच स्वाति के खातों में करीब 35 करोड़ रुपये जमा किए गए जिनमें लगभग 50 ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। हर बार 70 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की रकम खाते में आई और मात्र कुछ मिनटों के भीतर ही दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। जांच में दो और लोगों के नाम सामने आए हैं। जिनके खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। संवाद