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ग्रांट के एक करोड़ रुपये के गबन का आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार

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पंचकूला। नेशनल अर्बन लाइवलिहुड मिशन की ग्रांट के तहत आए एक करोड़ रुपये के गबन मामले में पुलिस ने वीरवार को नगर निगम पंचकूला के कांट्रेक्ट पर कार्यरत सुपरिंटेंडेंट श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी श्रवण को पुलिस ने रायपुररानी से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है, ताकि पता लग सके कि एक करोड़ रुपये की राशि को उसने कितने समय में किस-किस माध्यम से गायब किया। पुलिस आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर उसके रिमांड की मांग करेगी।
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पुलिस इस घोटाले में फिलहाल यह पता लगाने के प्रयास में है कि आरोपी के साथ अन्य कितने लोग शामिल हैं। आरोपी ने किस माध्यम से किन बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रांट की रकम को हड़पा, इस बारे में पुलिस पूछताछ में जुटी है। आरोप हैं कि श्रवण ने जाली हस्ताक्षर कर पंजाब नेशनल बैंक, सेक्टर-2 के कर्मचारियों की मिलीभगत से राशि हड़पी। पुलिस आगामी जांच में बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
मामले में आरोपी अभिनव गर्ग पर भी केस दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि बकौल एसएचओ फिलहाल आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जाना शेष है। इसके अलावा मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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कार्यकारी अधिकारी ने लिया संज्ञान
नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह को नेशनल अर्बन लाइवलिहुड मिशन के कर्मचारियों ने बताया था कि आरोपी श्रवण कुमार कुछ दिन से अज्ञात लोगों के नाम पर आरटीजीएस कंप्यूटर में तैयार करता है। उसे स्वयं ही उस पर हस्ताक्षर करते भी देखा गया है। सभी आरटीजीएस पंजाब नैशनल बैंक, सेक्टर-2 की शाखा की बताई गई। जरनैल सिंह ने श्रवण कुमार को सेक्टर-14 स्थित कार्यालय बुलाकर पूछताछ की तो कुछ आरटीजीएस भी मिली। श्रवण कुमार द्वारा कार्यकारी अधिकारी के जाली हस्ताक्षर किए जाने का पता लगा था। जरनैल सिंह मामले को निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया और संयुक्त आयुक्त संयम गर्ग के संज्ञान में लाए। फिर आरोपी श्रवण को सेक्टर-2 पुलिस चौकी से पुलिसकर्मियों के हवाले किया गया था।
करीब 20-25 लोगों के बैंक खाते में ट्रांसफर की रकम
सेक्टर 2 पंजाब नेशनल बैंक की ओर से निगम को मिली आरटीजीएस डिटेल से पता लगा कि केवल एक हस्ताक्षर पर करीब एक करोड़ रुपये बैंक द्वारा दीक्षा इंटरप्राइजेज सहित करीब 20-25 लोगों के बचत खाते में ट्रांफसर किए गए। आरोप हैं कि श्रवण कुमार कार्यकारी अधिकारी के जाली हस्ताक्षर अक्टूबर 2019 से कर रहा था। एक आरटीजीएस पांच से छह लाख रुपये की है और करीब बीस आरटीजीएस की गई। आरोपी श्रवण कुमार हर बार बैंक में स्वयं आरटीजीएस देने जाता रहा। किसी भी आरटीजीएस में सीनियर अकाउंट् ऑफिसर के हस्ताक्षर नहीं हैं। आरोप हैं कि पीएनबी में करीब चौदह करोड़ रुपये थे, जिस रकम को निकलवाया गया।
आरोपी श्रवण की वीडियो वायरल
इन दिनों आरोपी श्रवण की एक वीडियो भी वायरल है। इसमें एक विभागीय अधिकारी उससे पूछ रहा है कि उसने फर्जी हस्ताक्षर कैसे किए और किस आधार पर एजेंसी को रकम ट्रांसफर की। वीडियो में अधिकारी आरोपी को अपने सामने कुर्सी पर बैठाकर पूछताछ करता नजर आ रहा है। अधिकारी आरोपी श्रवण को पूछ रहा है कि वह बताए कि उसने और क्या-क्या जुर्म किए हैं। आरोपी ने हेड ऑफिस एक ईमेल करने के बाद उसे सेंट आइटम से डिलीट कर दिया था। इस संबंध में भी विभागीय अधिकारी आरोपी से पूछताछ करता नजर आ रहा है। आरोपी को यह भी कहा गया कि उसने 75 हजार रुपये का चेक किस आधार पर मंजूर कर दिया। इसके अलावा आरोपी से पूर्व समय में विनोद शर्मा नामक व्यक्ति के 35 हजार रुपये का चेक भी वापस दिलाया गया था। आरोपी को इस बातचीत के दौरान अधिकारी यह कहता सुनाई दे रहा है कि उसे कल से कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। आरोपी की धोखाधड़ी के संबंध में अधिकारी ने उनके पास कुछ लोगों की रिकॉर्डिंग मौजूद होनी भी बताई।
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