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मशरूम पर बढ़ाई सब्सिडी, कई शर्तों में भी दी ढील

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पंचकूला। पारंपरिक फसलों की खेतीबाड़ी छोड़कर किसानों को मशरूम की खेती से जोड़ने के लिए बागवानी विभाग ने पंचकूला के किसानों के लिए विशेष शिवालिक योजना बनाई है। इस योजना के तहत मशरूम की खेती का 10 लाख रुपये का प्लांट लगाने वाले किसानों को विभाग 50 फीसदी सब्सिडी देगा। वो भी सीधी किसानों के बैंक खाते में आएगी। किसान इस योजना का लाभ उठा सकें, इसके लिए नियम और शर्तों में भी काफी छूट दी गई है।
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विभाग की ओर से अब तक एमआईडीएच योजना चलाई जा रही थी। इस योजना के तहत 20 लाख रुपये का प्रोजेक्ट लगाने पर 40 फीसदी सब्सिडी मिलती थी। मगर इसके लिए बैंक से लोन होना अनिवार्य था। मगर जिले के किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। यहां के खेतों पर किसानों को इतना बड़ा लोन मिल ही नहीं पाता था। किसानों की इस परेशानी को देखते हए विभाग ने पहले से चल रही शिवालिक योजना का विस्तार कर दिया। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट लगाने पर किसान को 50 फीसदी सब्सिडी देने का फैसला लिया गया। साथ ही बैंक लोन की शर्त को भी हटा दिया गया है। अगर किसान चाहे तो कहीं से भी पैसे की व्यवस्था कर प्लांट लगा सकता है। विभाग की ओर से किसान के खाते में सब्सिडी की राशि डाल दी जाएगी। बस इसके लिए शर्त यह है कि किसान पंचकूला का निवासी हो। शिवालिक योजना के तहत ही 300 बैग मशरूम की खेती करने वाले किसान को 75 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है।
जिले में चल रहे हैं 15 बड़े प्लांट
फिलहाल जिले में मशरूम के 15 बड़े प्लांट हैं। इनमें से 3 मोरनी में, 2 पिंजौर में, 5 बरवाला में और 5 रायपुररानी में हैं। इनमें किसान 15 से 20 हजार बैग मशरूम की खेती करते हैं। इसके अलावा लगभग 80 किसान ऐसे हैं जिन्होंने छोटे प्लांट लगा रखे हैं। ये किसान औसतन 300 बैग की खेती करते हैं। इस हिसाब से 24 हजार बैग मशरूम की खेती हर साल होती है। एक बैग में ढाई से 3 किलो मशरूम होती है।
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ये है सब्सिडी पाने का तरीका
इच्छुक किसान को सबसे पहले hortnet.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। किसान को वेबसाइट पर फैमिली आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और अपना बैंक खाता से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
मशरूम की खेती के अनुकूल है जिले का मौसम
जिले में पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां का मौसम मशरूम की खेती के अनुकूल है। यहां पहाड़ी क्षेत्र में ठंड रहने के कारण एसी प्लांट लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। किसी भी एक कमरे में आसानी से मशरूम की खेती की जा सकती है। इसलिए मशरूम की खेती में यहां के किसानों के लिए काफी संभावनाएं हैं।
कोट
जिले में मशरूम के अनुकूल मौसम होने के चलते विभाग ने भी किसानों के लिए विशेष योजना तैयार की है। मशरूम की खेती से संबंधित सभी जानकारी किसानों को दी जाती है और उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। 10 लाख रुपये की लागत के प्लांट पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है। -डॉ. अशोक कौशिक, डीएचओ, पंचकूला।
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