पंजाब विश्वविद्यालय हर ग्रेडिंग में स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो (अनुपात) पर कम अंक पा रहा है, बावजूद इसके कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसकी पूर्ति के लिए रिक्तियां निकाली गईं, लेकिन उस पर भी समुचित काम नहीं हो पाया। जानकारों का कहना है कि पीयू का यही रवैया आगे रहा तो इस बार भी नैक ग्रेडिंग में पीयू बाजी नहीं मार पाएगा। ऐसी स्थिति में पीयू के लिए बजट लेने में संकट खड़ा हो सकता है।
स्कूल खोलना हो या फिर कॉलेज, सबके लिए अनिवार्य मानक है शिक्षकों की संख्या। विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक शिक्षक होने चाहिए। पीयू कॉलेजों को मान्यता देता है तो इन मानकों की जांच करता है, लेकिन खुद पीयू ही इस मानक को पूरा नहीं कर रहा है। यहां 700 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो ठीक नहीं होने के चलते सभी रैंकिंग पर इसका प्रभाव पड़ रहा है।
इस मानक पर अंक नहीं मिलने के कारण पीयू आगे नहीं बढ़ पा रहा है। नैक की वर्ष 2015 में हुई ग्रेडिंग में भी बाधा इसी बिंदु ने डाली। यह रेश्यो पूरा नहीं होने के कारण नैक ने आपत्ति लगाई थी और कहा कि वर्ष 2022 तक इसकी पूर्ति कर लें। पांच साल इस बात को बीत गए, लेकिन पीयू इसके लिए नहीं जाग पाया।
नौ शिक्षकों की तैनाती को मिली थी अनुमति
पिछले वर्ष पीयू ने 26 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की रिक्तियां निकाली थीं, लेकिन सिंडिकेट ने इसमें अड़ंगा लगा दिया। हालांकि उन्होंने नियमों का हवाला दिया था। सिंडिकेट की एक कमेटी ने निकाली गई रिक्तियों के अभिलेखों की जांच की। नौ शिक्षकों की तैनाती करने की अनुमति भी दी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया।
सिंडिकेट ने मांग की है कि पहले रोस्टर लागू किया जाए ताकि सीटों का निर्धारण हो सके। सूत्रों का कहना है कि रोस्टर लागू करवाने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लगातार इसमें देरी हो रही है। यदि लगातार ऐसा ही होता रहा तो नैक की ग्रेडिंग में पीयू फिर फिसल सकता है।
विभागों के मर्जर पर भी होगा काम
पीयू के विभागों को मर्ज करने के बाद ही पीयू को अतिरिक्त फंड मिलेगा। इसको लेकर बुधवार को बैठक भी हुई, लेकिन अभी पूरी तरह सहमति नहीं बन पा रही है। दूसरी बैठक में फिर यह प्रकरण रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि नैक की ग्रेडिंग के लिए इस बिंदु पर भी काम होना चाहिए। विभाग मर्ज होंगे तो अन्य लाभ पीयू को मिलेंगे।
स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो पूरा करने के लिए कार्रवाई चल रही है। रोस्टर को भी जल्द लागू करवाया जाएगा।
- प्रो. शंकरजी झा, कार्यवाहक वीसी पीयू