चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में सरकारी इमारतों, पुलों और कलवर्टों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने पूरे राज्य में संरचनात्मक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। यह ऑडिट लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सरकारी इमारतों, पुलों, कलवर्टों और अन्य पुल ढांचों का होगा।
जांच के दौरान सामने आने वाली खामियों और कमजोरियों को तत्काल दूर करने को कहा गया है। मंत्री ने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को सभी सरकारी इमारतों की संरचनात्मक स्थिति का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में किसी तरह का दोष या कमजोरी मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे। निवारक उपाय या पुनर्वास कार्य भी प्राथमिकता से किए जाएंगे।
सरकार ने असुरक्षित घोषित की जा चुकी सरकारी इमारतों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। ऐसी इमारतों का तब तक इस्तेमाल नहीं किया जाएगा जब तक आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूरे न हो जाएं। उन्हें दोबारा सुरक्षित घोषित करने के बाद ही उपयोग में लाया जाएगा।
पुलों और ढांचों की सुरक्षा जांच :
इसी तरह विभाग के अधीन आने वाले पुलों, कलवर्टों और अन्य पुल ढांचों की भी सुरक्षा जांच होगी। यदि कोई पुल या अन्य ढांचा असुरक्षित पाया जाता है तो जरूरी काम पूरा होने तक यातायात प्रतिबंध लागू होंगे। अन्य उचित सुरक्षा उपाय भी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी सरकारी इमारत, पुल या कलवर्ट की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित करने वाला बदलाव सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नहीं होगा। संशोधन, सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण या तोड़फोड़ का काम भी बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई :
ऐसे सभी कार्य तकनीकी कोड और विभागीय नियमों के अनुसार ही किए जाएंगे। ईटीओ ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सरकार सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ सार्वजनिक ढांचा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।