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पंचकूला के सुदर्शनपुर में कुत्तों की नसबंदी शुरू, लोगों को मिलेगी राहत

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सुखदर्शनपुर में मेयर कुलभूषण गोयल ने कुत्तों की नसबंदी का शुभारंभ किया। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। सुखदर्शनपुर स्थित डॉग केयर सेंटर (कुत्ता देखभाल केंद्र) में वीरवार को मेयर कुलभूषण गोयल ने पार्षदों की मौजूदगी में हवन कर कुत्तों की नसबंदी का शुभारंभ किया। अब शहर के लोगों को लावारिस कुत्तों के आतंक से निजात मिल सकेगी। कुत्तों की नसबंदी का काम बेजुबान संस्थान को सौंपा गया है। संस्था द्वारा शहर में मौजूद करीब पांच हजार कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। इसके लिए संस्था की टीम और वैन आ चुकी है। मेयर का कहना है कि एक हेल्पलाइन नंबर 9876252622 जारी किया गया है। इन नंबर पर शहर के लोगों की मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।
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मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि सुखदर्शनपुर स्थित डॉग केयर सेंटर में पांच हजार कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है। रोजाना 10 से 15 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। यहां 14 कैनल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 28 और तैयार किए जाने हैं। 14 कैनल दो दिन में भर जाएंगे। एक कैनल में दो कुत्तों को रखने की व्यवस्था है। नसबंदी के छह दिन बाद उनको वहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उठाया गया होगा।
बेसहारा कुत्तों के बच्चों को निगम गोद लेगा
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में जन्म लेने वाले लावारिस कुत्तों के बच्चों को गांव सुखदर्शनपुर में डॉग केयर सेंटर, अस्पताल, पुनर्वास केंद्र में पाला जाएगा। उनके खाने-पीने के अलावा अन्य सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। कुत्तों के बच्चों को गोद लेने के लिए ऑनलाइन सुविधा का प्रावधान किया जाएगा। जहां से कोई भी कुत्ते को गोद ले सकता है। कुलभूषण गोयल ने बताया कि रेबीज वाले कुत्तों की पहचान करने की दिशा में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जोकि कुत्तों में रेबीज की जांच करेगी और कुत्तों का व्यवहार खराब मिलने पर उसे ठीक कर उसके स्थान पर छोड़ा जाएगा।
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बीमार, जख्मी कुत्तों का उपचार भी होगा
बीमार और जख्मी कुत्तों को पकड़कर उनका उपचार इस केंद्र पर किया जाएगा। उपचार के बाद कुत्ते को ठीक होने के बाद वहीं छोड़ा जाएगा जहां से पकड़ कर लाया गया था। पालतू कुत्तों के मालिक कभी यात्रा या विदेश जाना चाहते हैं, तो ऐसी स्थिति में वह अपने कुत्ते को उस केंद्र के हॉस्टल में न्यूनतम शुल्क पर रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि फालतू कुत्तों को निगम में प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत करवाना होगा।
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