चंडीगढ़। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में डिजी लॉकर व एम परिवहन पर मौजूद दस्तावेजों को वैध न मानने को लेकर दाखिल जनहित याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट ने इन्हें वैध मानने की मांग को लेकर दिए मांगपत्र पर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के डीजीपी को निर्णय लेने का आदेश दिया है।
चंडीगढ़ निवासी रणजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे ने 8 अगस्त, 2018 को अधिसूचना जारी करते हुए डिजी लॉकर व एम परिवहन पर मौजूद दस्तावेजों को वैध करार दिया था। इसके बावजूद हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में चेकिंग के दौरान इसे वैध नहीं माना जा रहा है। जो लोग इन पर दस्तावेज दिखाते हैं उनका भी चालान कर दिया जाता है।
याची ने बताया कि उसने इन दस्तावेजों को वैध मानने की मांग को लेकर हरियाण, पंजाब व चंडीगढ़ को मांगपत्र भी सौंपा था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हरियाणा सरकार ने बताया कि प्रदेश में इन दस्तावेजों को कई विभागों द्वारा वैध माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के डीजीपी को याची द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।