पंचकूला। डेंगू व मलेरिया पर नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। वीरवार को राज्य निदेशालय मलेरिया से डॉ. रविंद्र अहलावत (उपनिदेशक मलेरिया) के नेतृत्व में एक टीम ने जिला पंचकूला का दौरा कर डेंगू से बचाव को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। टीम में स्टेट एंटोमोलॉजिस्ट सीमा सिंह, सुपरवाइजर प्रवीण, दीपक, शमशेर समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।
टीम ने सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में डेंगू और मलेरिया के लिए की जा रही जांच और विशेष डेंगू वार्ड और प्रयोगशाला में उपकरणों की उपलब्धता की जांच की। साथ ही ब्लड बैंक में एसडीपी की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली, जिलास्तरीय लैब के रिकॉर्ड और लार्वी साइड तथा इंसेक्टिसाइड स्टॉक की स्थिति की समीक्षा की।
डॉ. अहलावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसमिशन सीजन को देखते हुए एंटी लारवा दवाओं व फॉगिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में पिछले वर्ष डेंगू के अधिक केस सामने आए थे, वहां विशेष टीम बनाकर सोर्स रिडक्शन गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए गए। टीम ने सूरजपुर, पिंजौर और कालका के विभिन्न मोहल्लों में पाए गए डेंगू लार्वा की डेंसिटी को लेकर गहन निरीक्षण किया और फॉगिंग व सोर्स रिडक्शन पर फोकस करने की हिदायत दी। जिला में अब तक डेंगू के 8 और मलेरिया के 3 केस सामने आए हैं, जहां तुरंत फॉगिंग व आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
घरों के आसपास पानी न जमने दें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें। जुलाई माह को डेंगू रोधी मास के रूप में मनाया जा रहा है और सभी एरिया में सघन गतिविधियां की जाएंगी। सरकार की ओर से डेंगू व मलेरिया का मुफ्त इलाज नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सिविल सर्जन