चंडीगढ़। पंजाब में नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को उन्होंने 700 से अधिक एसएचओ स्तर के अधिकारियों से नशे के खिलाफ समीक्षा मीटिंग की। डीजीपी ने सभी फील्ड अफसरों को नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त करने से लेकर उनके करीबियों पर भी नजर रखने की हिदायत दी गई है। वहीं नशे के खात्मे के लिए पुलिस तीन आयामी रणनीति इन्फोरसमेंट, नशा छुड़ाओ और पुनर्वास के लिए काम करेगी। मीटिंग में सभी आठ रेंज के आईजी, 28 सीपी, एसएसपी, 117 डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और 410 से अधिक एसएचओ के अलावा तमाम अधिकारी हाजिर थे।
मीटिंग में डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस को नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने, नशे की मांग घटाने और पीड़ितों को इलाज प्रदान करने के लिए काम करना होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस मीटिंग, रैलियां, सेमिनार करके और अन्य विभागों के तालमेल के साथ बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंच बनाकर नशे की तस्करी के खिलाफ बहु-आयामी रणनीति पर काम कर रही है। अगस्त के दौरान पंजाब पुलिस ने 200 किलोग्राम हेरोइन जब्त करके नशे के विरुद्ध बहुत बढ़िया काम किया है। उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ चौकसी और तेज करने की जरूरत पर जोर दिया।
डीजीपी ने अधिकारियों को समझाया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की सभी एफआईआर के अगले-पिछले संबंधों की गहराई के साथ जांच करें। बड़ी मछलियों की संपत्तियों को जब्त करें। उन्होंने सभी इकाइयों को अपने अधिकार क्षेत्रों में नशे के संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और अपने अधिकार क्षेत्रों को नशा मुक्त बनाने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए भी कहा है।
याद रहे पंजाब पुलिस ने गत एक साल में 66 ड्रग तस्करों की 26.32 करोड़ की संपत्ति अटैच की है जबकि 753 बड़े गैंगस्टरों को दबोचा है। अब तक 23518 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 17623 एफआईआर दर्ज कीं, 1627 किलो हेरोइन पकड़ी है। तस्करों से ड्रग मनी के रूप में 13.29 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। काफी मात्रा में हथियार भी पकड़े गए हैं।
लोगों से बढ़ाएं तालमेल, नंबर तक करें शेयर: डीजीपी
नशे के खिलाफ जंग को मजबूत करने के लिए डीजीपी ने सभी एसएचओ को हिदायत दी है कि वह आम लोगों के साथ बातचीत कर संपर्क बढ़ाएं। उनके अंदर पुलिस के प्रति विश्वास कायम करें। अपने संपर्क नंबर उनके साथ साझे करें, जिससे वह बेझिझक पुलिस को किसी भी तरह की जानकारी दे सकें।