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Panchkula News: पंजाब के शहरी एरिया में बढ़ेगी आम आदमी क्लीनिकों की संख्या

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125 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे, 80 फीसदी शहरी एरिया में रहेंगे
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स्टाफ को साइटों की निशानदेही के आदेश, पहल के आधार पर पूरा होगा काम


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के शहरी एरिया के लोगों को घरों के पास ही बेहतर सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने पर सरकार का फोकस लग गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने आम आदमी क्लीनिकों की संख्या में इजाफा करने की तैयारी की है। करीब 125 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे। इनमें से 80 फीसदी शहरी एरिया में खुलेंगे। इसके बाद आम आदमी क्लीनिक की संख्या 659 से बढ़कर 784 हो जाएगी। अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। आम आदमी क्लीनिक स्थापित करने का काम पहल के आधार किया जा रहा है।


सेहत विभाग की तरफ से कुछ समय पहले शहरी एरिया में स्थापित किए क्लीनिक का रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है। कई इलाकों में विधायकों और लोगों द्वारा मांग की जा रही थी कि क्लीनिकों की संख्या में इजाफा किया जाए। इस चीज को उच्च अधिकारियों व सेहतमंत्री के समक्ष उठाया गया। फिर सेहत विभाग ने स्टाफ को उचित जगह की निशानदेही करने के लिए कहा। स्टाफ को साइट की निशानदेही कर ऑनलाइन ही विभाग को सूचित करना होगा। इसके बाद विभाग की तरफ से आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।
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अगर मौजूदा बिल्डिंग मेंं ही क्लीनिक स्थापित करना होगा तो उसके लिए करीब 25 लाख रुपये की ग्रांट मिलेगी। इस पैसे का प्रयोग रेनोवेशन व फर्नीचर आदि की सुविधा के लिए किया जाएगा। जहां फैबरिकेडेट शीट आदि खरीदकर इनका निर्माण करना पड़ता है, वहां पर बजट करीब 40 लाख रहेगा।
याद रहे कि पंजाब में अब तक चल रहे आम आदमी क्लीनिकों से रोजाना करीब 10 हजार लोग फायदा उठा रहे हैं। अब तक करीब 45 लाख लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। 20 लाख मरीजों के मुफ्त टेस्ट किए गए हैं।
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एक क्लिक पर मिलता है मरीज का सारा रिकॉर्ड

आम आदमी क्लीनिक में सारा काम ऑनलाइन होता है। यहां पर तैनात स्टाफ के पास टैबलेट रहते हैं। इसमें वह मरीजों का सारा विवरण लिखते हैं। साथ ही उनके पास सारा रिकॉर्ड सेव हो जाता है। इसके बाद मरीज कहीं भी आम आदमी क्लीनिक में जाकर अपना नाम बताएगा तो उसका सारा हेल्थ रिकॉर्ड मिल जाएगा। दूसरी तरफ सरकार को भी इससे फायदा हो रहा है। सरकार को पता लग जाता है कि राज्य में लोग किस तरह की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। क्लीनिकों में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट तैनात किए गए हैं जो मरीजों को तरीके से हैंडल करते हैं। वे मरीज की बीमारी चेक ही नहीं करते बल्कि उन्हें दवाएं देने के साथ ही दवाई खाने का तरीका तक समझाते हैं।
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