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सोनू नोल्टा मर्डर केस : डिटेक्टिव स्टाफ ने युवकों को उठाया, परिजनों ने दो घंटे थाने में किया प्रदर्शन तो छोड़ा

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पंचकूला। सोनू नोल्टा मर्डर केस में डिटेक्टिव स्टाफ ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुखमाजरी के चार युवकों को चंडीमंदिर माइनिंग एरिया से उठा लिया। इसमें एक नाबालिग भी शामिल था। डिटेक्टिव टीम ने नाबालिग को उसी दिन छोड़ दिया था। लेकिन बुधवार को परिजनों जब युवकों के पुलिस हिरासत में होने जानकारी मिली तो वे सुबह करीब 9 बजे चंडीमंदिर स्थित डिटेक्टिव थाना पहुंचे गए और दो घंटे तक रोष प्रदर्शन किया। इनमें सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल थे। इसके बाद डिटेक्टिव टीम ने ने युवकों को छोड़ दिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिसबल भी मौजूद रहा।
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परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस पढ़े-लिखे बच्चों को आरोपी बनाना चाह रही है। तीनों युवकों को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया। उनके साथ मारपीट कर असलों के साथ फोटो भी लिए हैं।
कोट...
पुलिस ने इन्हें पूछताछ के लिए उठाया था। परिवारलों को गलतफहमी हुई थी, जिसकी वजह से लोग जुट गए थे। पूछताछ के बाद युवकों को छोड़ दिया गया। -मनीप्रीत सूदन, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक, पंचकूला
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बॉक्स

ऐसे हुआ था सोनू नोल्टा का मर्डर

अमरावती एनक्लेव के पास कॉस्मो मॉल के बाहर 6 जून को सोनू नोल्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोनू स्तों साथ फिल्म देखकर बाहर निकला था। मॉल से बाहर निकलते ही सोनू की स्कॉर्पियो कार को निशाना बनाकर स्विफ्ट कार में आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सोनू की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके दोस्त प्रिंस को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया था। घटना के 20 मिनट के भीतर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल पीयूष पिपलानी और अंकुश ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। वायरल वीडियो में पीयूष ने दावा किया था कि उसने यह हमला अनमोल बिश्नोई के इशारे पर किया।
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