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मुरारीलाल माहेश्वरी की स्मृति में 'वाद विवाद' प्रतियोगिता, ' सोशल मीडिया जरूरी, सतर्कता के साथ

Tue, 27 Aug 2019 04:09 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
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वाद विवाद प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता सोमवार को पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज सेक्टर-1 में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में गवर्नमेंट कालेज के विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और ‘सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देशहित में जरूरी’ और ‘राजनीतिज्ञों के लिए आयु सीमा तय होनी चाहिए’ विषय पर पक्ष और विपक्ष में अपनी राय पूरी बेबाकी से रखी। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र कनिष्क आर्य ने पहला, अमनदीप कौर ने दूसरा जबकि राशि चतुर्वेदी ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के अलावा दो प्रतिभागियों आरती और वंदना को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कालेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के डायरेक्टर आदित्य खुराना उपस्थित रहे जबकि मंच संचालन प्रोफेसर अनिल कुमार पांडेय ने किया। निर्णायक मंडल में बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार, कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर दीपक कुमार और जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग की प्रोफेसर कुसुम रानी शामिल रहे।

प्रतियोगिता के दौरान ज्यादातर विद्यार्थियों ने ‘सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देशहित में जरूरी’ विषय पर अपनी बात बेबाकी से रखी। किसी ने सोशल मीडिया को वरदान बताया तो किसी ने अभिशाप। सभी विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया के प्रभाव, दुष्प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए प्रतिबंध लगाने और न लगाने की वकालत की। विद्यार्थियों ने अपनी बात के समर्थन में कई उदाहरण भी दिए। किसी ने मॉब लिंचिंग, अफवाह फैलाने, धर्म और समुदाय के नाम पर देश को बांटने के साथ अश्लीलता फैलाने में सोशल का बड़ा हाथ बताया तो किसी ने कहा कि सोशल मीडिया की ही देन है कि आज भारत विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
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सोशल मीडिया से सूचना क्रांति आ गई है। यही नहीं कई ऐसी जानकारियां हैं जो हमें सोशल मीडिया से ही मिल रही हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध बिल्कुल नहीं लगना चाहिए। इसके अलावा राजनीतिज्ञों के लिए आयु सीमा तय होनी चाहिए, इस विषय के पक्ष में बोलते हुए एक छात्रा ने कहा कि नेताओं के रिटायरमेंट की उम्र भी तय होनी चाहिए ठीक वैसे ही जैसे किसी भी कर्मचारी की रिटायरमेंट की उम्र तय होती है। जब तक बुजुर्ग नेता रिटायर नहीं होंगे, युवा नेताओं को मौका नहीं मिलेगा। युवा नेता नई सोच से देश को नई दिशा देंगे।

कुल 12 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में अपनी बात रखी। इसके बाद निर्णायक मंडल में शामिल प्रोफेसर दीपक कुमार ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थी को मंच पर बोलने की कला के साथ अपनी बात बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। हां, कुछ जरूरी बातों को ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जैसे, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी के पास फैक्ट जरूर होने चाहिए ताकि वह अपने पक्ष या विपक्ष के तर्क को फैक्ट के माध्यम से पुख्ता कर सके।

प्रो. दीपक ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि सोशल मीडिया के जरिए किसी तरह का अफवाह न फैलने दें। वालंटियर बनें और अफवाह या भ्रामक जानकारियों को फैलने न दें। अंत में विजेताओं की घोषणा की गई।

 

क्या बोले विजेता

वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कनिष्क आर्य ने कहा कि ऐसे आयोजन से युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति का मौका मिलता है। देश और सामाजिक मुद्दों पर युवा सोच खुलकर सामने आती है। युवाओं की प्रतिभा भी निखरती है। इस तरह की पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।

प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली अमनदीप कौर ने कहा कि ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने से झिझक दूर होती है। साथ ही साथियों के विचार और तर्क सुनने को मिलते हैं। कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिलती हैं, जो हमारा ज्ञानवर्धन करती हैं। प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर काफी कुछ सीखा।

तीसरा स्थान पाने वाली राशि चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह का मंच विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने में अहम भूमिका अदा करते हैं। इसलिए इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए। आज जो मंच हमें मिला, उससे काफी कुछ सीखने को मिला।

सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्रा वंदना ने कहा कि इस आयोजन से उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ गया है। आगे भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लूंगी। युवाओं को इस तरह के मौके मिलते रहने चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा सामने आए।

सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्रा आरती ने कहा कि किसी भी विषय के पक्ष और विपक्ष में बोलने से पहले उस विषय से जुड़ी हर जानकारी रखनी पड़ती है। सभी साथियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मैंने भी इस आयोजन से काफी कुछ सीखा। भविष्य में ऐसे आयोजन का हिस्सा बनना चाहूंगी।

 
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सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र से नवाजे गए विजेता

श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र कनिष्क आर्य को पांच हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया गया। दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा अमनदीप कौर को तीन हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र जबकि तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा राशि चतुर्वेदी को दो हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इनके अलावा दो सांत्वना पुरस्कार प्रतिभागी छात्राओं आरती और वंदना ठाकुर को दिया गया। सभी विजेताओं को मुख्यातिथि आदित्य खुराना और निर्णायक मंडल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रोफेसर नवीन कुमार भी मौजूद रहे।

इन्होंने किया प्रतिभाग
वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों में कोरल, राघवी शर्मा, वंदना ठाकुर, मुस्कान, आरती, राशि चतुर्वेदी, अमनदीप कौर, कनिष्क आर्य, मोहित, सर्वजीत कौर, नवनीता शामिल रहे। प्रतियोगिता में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी 27 अगस्त को अंबाला छावनी स्थित एसडी कॉलेज में आयोजित होने वाली मंडल स्तरीय श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
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