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Panchkula News: एसएमओ छुट्टी पर, ओपीडी 40 मिनट पहले हुई बंद, मरीजों ने किया वायरल- मेरे मियां घर नहीं, मुझे किसी का डर नहीं

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संवाद न्यूज एजेंसी रायपुररानी। शनिवार को रायपुररानी अस्पताल में ओपीडी 40 मिनट पहले ही बंद दी गई। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 9 से दोपहर 1.30 बजे तक निर्धारित है। शनिवार को 40 मिनट पहले ही डॉक्टर ओपीडी छोड़कर चलते बने। अस्पताल में पहुंचे मरीजों ने मौके पर ही अस्पताल में बंद ओपीडी के दरवाजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालनी शुरू कर दीं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने फुर्ती दिखाकर तुरंत एक डॉक्टर को ओपीडी में भेजा और मरीजों की जांच की। अस्पताल में एसएमओ भी छुट्टी पर थे। इस पर मरीजों ने चुटकी लेकर वायरल किया कि मेरे मियां घर नहीं, मुझे किसी का डर नहीं वाली कहावत यहां चरितार्थ हो रही है। मामले में एसएमओ बोले जल्द ही ओपीडी बंद करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल में और भी हैं समस्याएं
1- अस्पताल में लैब टेस्ट दोपहर 12 बजे तक ही स्वीकार्य है, जिसकी रिपोर्ट 3 या 4 बजे मरीजों को दी जाती। ग्रामीण जो रिपोर्ट बाहर प्राइवेट लैब से 10 से 15 मिनट में मिल जाती है उसके लिए सरकारी अस्पताल में 2 से 3 घंटे इंतजार करना पड़ता है।
2- शाम को 3 से 4 बजे के बीच आने वाले मरीजों को अगले दिन या फिर प्राइवेट से लैब टेस्ट करवाने पड़ते हैं।
3- शाम 4 बजे के बाद एक्सरे भी बंद हो जाते हैं। आपातकाल स्थिति में मरीज को पंचकूला एक्सरे के लिए भेजा जाता है।
4- रात में इमरजेंसी में कुछ जरूरी दवाएं ही उपलब्ध होती हैं, अस्पताल का रातभर मेडिकल दवाई देने वाला काउंटर खुला रहना चाहिए।


शनिवार को पर्ची काउंटर भी 12.30 बजे बंद कर दिया जाता है। ओपीडी 1.30 बजे यदि कोई मरीज 1.30 बजे आता है तो उसे ओपीडी पंजीकरण बंद बोलकर वापस भेज दिया जाता है। रेजिस्टेंस समय भी 1.30 तक होना चाहिए - रोबिन गुप्ता, समाजसेवी
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समय से पहले डॉक्टरों का ओपीडी बंद करना स्वास्थ्य विभाग की नाकामी को दर्शाता है। हमेशा से चेकिंग करने आने वाले अफ़सर भी अस्पताल प्रशासन की वाहवाही करके जाते हैं, क्योंकि जो अफसर पहले ही अस्पताल को आने से पहले अपनी जानकारी दे देगा तो उसे कमी क्या मिलेगी। - कपिल, समाजसेवी

अस्पताल में डॉक्टर समस्या ही नहीं लैब टेस्ट भी एक बड़ी समस्या है। बिना शनिवार के सामान्य दिनों में लैब टेस्ट 12 बजे बंद कर दिया जाता है। रिपोर्ट 3 बजे तक मिलती है। दूर दराज गांव से आए लोगों को दो से तीन घंटे अस्पताल में टेस्ट रिपोर्ट के लिए बैठना पड़ता है। इससे मरीजों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। -राम निवास, समाजसेवी।


डॉक्टर कुछ समय के लिए इमरजेंसी में गए थे, कोई भी मरीज न होने के कारण चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने ओपीडी के ताला लगा दिया था जिसे तुरंत जानकारी मिलते ही खुलवा दिया और डॉक्टर को ओपीडी में भेज दिया गया। जल्द ही बिना कारण ओपीडी में ताला लगाने वाले कर्मी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा व अन्य कार्रवाई की जाएगी। -संजीव गोयल, एसएमओ रायपुररानी।
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