चंडीगढ़। पंजाब में गेहूं की फसल कटने को तैयार है। केंद्र ने गेहूं खरीद के लिए पंजाब को 33 हजार करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं मगर गोदामों में पुराने पड़े अनाज की ढुलाई बहुत धीमी है। गोदामों में मौजूदा गेहूं और धान की ढुलाई अपेक्षाकृत कम मात्रा में हो रही है।
पंजाब सरकार ने इसे बढ़ाने के लिए कहा है ताकि खरीदा गया गेहूं ज्यादा समय तक खुले में न रखा जा सके। इस बार पंजाब में 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की उम्मीद है मगर गोदामों में भंडारण स्थिति यह है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अगस्त 2025 से हर महीने 5 लाख टन गेहूं और 5 लाख टन चावल की ढुलाई कर रहा है। हालांकि, नई फसल के लिए गोदामों में पर्याप्त जगह बनाने के लिए हर महीने कम से कम 15 लाख टन गेहूं की ढुलाई आवश्यक है।
पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क कहते हैं कि राज्य सरकार पर्याप्त भंडारण क्षमता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ अनाज की ढुलाई बढ़ाने का मुद्दा कई बार उठा चुकी है। फिलहाल गेहूं का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए विभाग अतिरिक्त चबूतरे बनाने और चावल मिलों में खाली जगह का उपयोग करने पर विचार कर रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक आकस्मिक योजनाओं को तैयार करने के लिए एफसीआई अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
उधर, सरकार ने 3,91,320 प्लास्टिक के बैगों का ऑर्डर दिया है। इनमें से 2,31,055 प्राप्त हो चुके हैं और शेष मार्च के अंत तक मिलने की उम्मीद है। 6,75,000 लकड़ी के कैरटों के लिए भी ऑर्डर दिए गए हैं। मंत्री कटारूचक्क ने कहा कि गेहूं खरीद के बाद उसकी संभाल को लेकर भी सरकार पूरी तरह गंभीर है।