चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने मंगलवार को पंजाब सरकार को चेतावनी दी है। किसान नेता रमिंदर सिंह पटियाला ने कहा कि सरकार वादे के अनुसार उनकी सभी मांगें पूरी करे। यदि एक माह में मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो मोर्चा फिर से संघर्ष शुरू करेगा।
एसकेएम ने किसान भवन में बैठक के बाद यह बात प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को मोर्चे ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा लगाया था। छह सितंबर को बैठक के बाद मांगों पर सहमति बनी थी। सात सितंबर को कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, सरकार ने अभी तक इन आश्वासनों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। मोर्चे ने धान की खरीद भी जल्द शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंडियों में फसल आनी शुरू हो गई है लेकिन खरीद न होने से किसान परेशान हैं।
प्रमुख मांगें और आश्वासन :
कृषि मंत्री ने पानी के 25 साल पुराने गैर समझौते रद्द करने का आश्वासन दिया था। पंजाब पुनर्गठन एक्ट की धाराएं 78, 79 और 80 केंद्र को भेजने की बात भी कही गई थी। डैम सेफ्टी एक्ट और बिजली बिल रद्द करके केंद्र को भेजने का भी वादा था। कर्ज के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने का आश्वासन भी मिला था। गन्ना किसानों का बकाया जारी करने और मूल्य बढ़ाने की मांग भी शामिल थी।
पराली और एकता पर अपील :
मोर्चे ने पराली जलाने पर जुर्माना और राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की कार्रवाई न करने की मांग की है। इसके बजाय किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। एसकेएम ने बीकेयू उगराहां से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि एकता की भावना को नुकसान न पहुंचाएं और जत्थेबंदी के साथ मिलकर आगे संघर्ष को बढ़ाएं।