माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डेंगू के अलावा जिले के लोगों को वायरल, टाइफाइड ने जकड़ रखा है। इससे सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के अस्पताल में दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मरीजों और तीमारदारों को पंजीकरण, जांच में समस्या का भी सामना करना पड़ा रहा है। टेस्टिंग के सैंपल कलेक्शन का इंतजाम अभी तक विभाग ने तय नहीं किया है। वायरल और टाइफाइड के मामले अधिक आने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पंचकूला में वीरवार को डेंगू के नौ नए मामले सामने आए हैं।
अब तक जिले में कुल 1226 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू से अस्पताल में जहां तीन मौत हो चुकी है, वहीं बुखार के कारण अब तक जिले में करीब 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सैंपलिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। अभी तक का स्थायी निराकरण नहीं निकाला जा सका है। रोजाना जिले में कालका को छोड़कर, पिंजौर, मोरनी, रायपुररानी सहित सभी हेल्थ सेंटर्स से करीब 60 मरीज रेफर होकर आ रहे हैं। इससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।
इलाज के लिए आए मरीज परेशान
अस्पताल में इलाज के लिए आए बरवाला के सुकेश सिंह, मोरनी से आदेश शर्मा ने बताया कि बुखार ठीक नहीं होने के कारण सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। यहां पर मरीजों का लोड अधिक होने के कारण इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक अन्य जगहों पर सैंपल की टेस्टिंग नहीं हो पा रही है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक इसके लिए कोई पुख्ता प्रबंधन नहीं हैं। अस्पताल में एमडी मेडिसिन डॉ राजीव वढ़ेरा ने बताया कि बुखार, वायरल बुखार में लोगों को गर्म खाना खाने के साथ सफाई का ध्यान रखना है। इसके अलावा लोगों को पानी उबाल कर पीना चाहिए। पानी की कमी नहीं होने दें। अगर बुखार आ रहा है तो अपने मन से दवा लेने के बजाय अस्पताल में डॉक्टर की सलाह के बाद इलाज शुरू करें। वहीं डेंगू की रिपोर्ट दो दिन में मिल रही है।
सिविल अस्पताल में सैंपलिंग की जा रही है। आने वाले मरीजों का सैंपल लिया जा रहा है। रिपोर्ट मरीजों को दो दिन में दी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसके लिए तैयारी की गई है। - डॉ. जितेंदर सिंह, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6