पंचकूला। शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या में कमी आई है, लेकिन कुत्तों के काटने की संख्या बढ़ोत्तरी हुई है। जुलाई माह में कुत्तों के काटने 520 मामले सामने आए हैं। हालांकि कुत्तों के काटने की संख्या कोविड के दौरान काफी कम हो गई थी। खुशी की बात यह है कि कैनल हाउस कुत्तों के लिए जल्द ही खुल जाएगा और यहां खतरनाक किस्म के कुत्तों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनका व्यवहार ठीक नहीं हो जाता है। पंचकूला में वर्ष 2019 में करीब सात हजार कुत्ते थे, जबकि अब पांच हजार के करीब कुत्ते हैं। सेक्टरों में जहां पहले लावारिस कुत्तों का झुंड चलता था, वहां अब ऐसा नहीं रह गया है। इसकी वजह कुत्तों की नसबंदी भी है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में कुत्तों के काटने के 8947 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2020 के दौरान 5692 मामले सामने आए। हालांकि वर्ष 2021 के दौरान अब तक 3053 मामले सामने आ चुके हैं।
एक अक्तूबर से शुरू होगा कैनल हाउस
पंचकूला में जल्द ही सेक्टरों में गंभीर चोटिल और खतरनाक किस्म के लावारिस कुत्तों के लिए कैनल हाउस की सुविधा शुरू हो जाएगी। यहां करीब 12 विशेषज्ञों का स्टाफ रखा जा रहा है। यह सभी गंभीर रूप से चोटिल कुत्तों की देखभाल करेंगे और इसके साथ ही जिले के खतरनाक किस्म के लावारिस कुत्तों को ट्रेनिंग देंगे। जिससे उनका व्यवहार ठीक किया जा सके।
सुखदर्शनपुर में बना है 4.70 करोड़ का कैनल हाउस
लावारिस कुत्तों के लिए पंचकूला के गांव सुखदर्शनपुर में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से चार एकड़ में तैयार किया गया है। दुविधा यह है कि इस कैनल हाउस में कुत्ते रखे ही नहीं जा सकते हैं। कैनल हाउस में 36 पिंजरे बनाए गए हैं। इनमें वाशिंग स्पा, डॉग्स ओपीडी, वेटरनरी डॉक्टर रूम, ऑपरेशन थियेटर, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक लैब आदि की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कुत्तों के काटने पर एक नजर
पंचकूला में कुत्ते 5000 (औसत)
जुलाई में कुल मामले 520
जुलाई तक के मामले 3053
वर्ष 2019 में कुल केस 8947
वर्ष 2020 में कुल केस 5692
पंचकूला में लावारिस कुत्तों के लिए बनाए कैनल हाउस में एक अक्तूबर से काम शुरू हो जाएगा। अभी यहां लावारिस कुत्तों को नसबंदी के लिए लाया जाता है। एक अक्तूबर से खतरनाक किस्म के कुत्तों के साथ गंभीर चोटिल कुत्तों को यहां लाया जाएगा। इनका इलाज करवाया जाएगा। इसके साथ ही खतरनाक किस्म के कुत्तों के व्यवहार को ठीक होने के बाद उनको फिर से वहीं छोड़ दिया जाएगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।