हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले की जांच रिपोर्ट एसईटी जल्दी सरकार को सौंप देगी। जांच रिपोर्ट घोटाले में संलिप्त बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकती है। जांच कमेटी 31 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में है। इसके संकेत सोमवार को मिले हैं।
लॉकडाउन के दौरान सोनीपत जिले के खरखौदा में शराब घोटाला उजागर हुआ था। जिसके तार बाद में पूरे प्रदेश से जुड़े पाए गए। शराब माफिया ने कोरोना के बंद के दौरान शराब के गोदामों व डिस्टलरी से हजारों पेटियां इधर-उधर सप्लाई की थीं। जिसका खुलासा खरखौदा में शराब से भरे ट्रकों के पकड़े जाने के बाद हुआ था।
इस मामले में सरकार आरोपी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर चुकी है। आरोपी पुलिस अधिकारी व उनके परिजन निचली अदालत से राहत न मिलने पर जमानत, अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ले चुके हैं।
सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी त्रिलोक चंद गुप्ता को एसईटी का हेड बनाया हुआ है। उनकी अगुवाई में ही घोटाले की पूरी जांच हुई है। उनके नेतृत्व में जांच टीम ने लंबी चौड़ी एक्सरसाइज की। कमेटी का कार्यकाल भी बढ़ा, अंतत: अब रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही हैं।
कमेटी को जांच के दौरान कई मोर्चों पर जूझना पड़ा, आबकारी एवं कराधान विभाग से भी दिक्कतें पेश आईं। हालांकि, टीम में विभाग के बड़े अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। जांच टीम ने घोटाले से जुड़े अनेक तथ्य जुटाए हैं। अब देखना है कि घोटाले में संलिप्त कितने बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।