राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सिरसा महिला थाना पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में दो पाकिस्तानी नागरिकों समेत नौ आरोपियों के खिलाफ पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
एजेंसी ने दावा किया है कि पाकिस्तान का डॉन शहजाद भट्टी भारत में आतंकियों का नेटवर्क तैयार कर रहा था और सोशल मीडिया के जरिए युवकों को कट्टरपंथ की राह पर धकेल रहा था।
एनआईए के अनुसार 25 नवंबर 2025 को सिरसा महिला थाना को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया गया था। जांच में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी सोहैल अहमद को साजिश का मास्टरमाइंड बताया गया है। एजेंसी का कहना है कि दोनों पाकिस्तान से नेटवर्क संचालित कर भारत में पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमलों की योजना बना रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए युवकों को नेटवर्क से जोड़ा
चार्जशीट में गिरफ्तार भारतीय आरोपियों की पहचान धीरज उर्फ धीरू, विकास उर्फ विक्की, संदीप उर्फ दैमर, विकास, सुशील उर्फ सिल्लू, मोहम्मद सिजान उर्फ गाजी और गुरजंत सिंह के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार, पाकिस्तानी संचालकों ने सोशल मीडिया और गुप्त संचार माध्यमों के जरिए इन युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा।
जांच में सामने आया कि शहजाद भट्टी ने भारत में अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए थे। धीरज को भारत में नेटवर्क का प्रमुख समन्वयक बनाया गया था जो स्थानीय मॉड्यूलों के संपर्क में रहकर हमलों की योजना को आगे बढ़ा रहा था।
एनआईए के मुताबिक आरोपियों ने पहले संभावित ठिकानों की रेकी की और बाद में सिरसा महिला थाने पर हमला किया। हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड अमृतसर से लाया गया था। एजेंसी को डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्य भी मिले हैं। साथ ही हमले का वीडियो रिकॉर्ड कर प्रचार करने की साजिश का भी खुलासा हुआ है।