मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को अंतिम रूप देने की तैयारी के बीच पंचकूला में 6,129 मामले अब भी सुनवाई के इंतजार में हैं। जिले में 1,03,684 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन लंबित मामलों के मुकाबले अब तक केवल 488 मामलों की सुनवाई हो पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शेष मामलों का निस्तारण किस रफ्तार से होगा और क्या सभी पात्र मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिल पाएगा।
लंबित मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित मतदान केंद्रों पर 9 अक्तूबर तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर भी जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होकर दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचकूला में एसआईआर की तैयारी दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी। बूथ लेवल अधिकारियों ने 2002 की मतदाता सूची से मौजूदा मतदाताओं का मिलान शुरू किया था। करीब 1.02 लाख मतदाताओं का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया गया। जिनका नाम 2002 की सूची में नहीं मिला, उनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम पुराने रिकॉर्ड में तलाशे गए।
जून 2026 में जिले के 4.29 लाख से अधिक मतदाताओं का घर-घर सत्यापन शुरू हुआ। सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने या रिकॉर्ड में विसंगति मिलने पर नोटिस जारी किए गए। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन मामलों को समयसीमा में निपटाने की है।
अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित होनी है। ऐसे में यह भी अहम है कि दस्तावेजी प्रक्रिया में उलझे पात्र मतदाता कहीं सूची से बाहर न रह जाएं। प्रशासन ने लोगों से विशेष शिविरों में पहुंचकर दस्तावेज जमा कराने की अपील की है।
कोई भी पात्र मतदाता दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण मताधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष शिविरों के साथ घर-घर जाकर भी आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं। नोटिस प्राप्त मतदाता निर्धारित तिथि पर सुनवाई में जरूर पहुंचें और अपने दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि उनके मामले का समय पर निस्तारण किया जा सके
।-सतपाल शर्मा, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त पंचकूला