भ्रष्टाचार के लिए एक लोक सेवक पर मुकदमा चलाने में सार्वजनिक हित का तत्व होता है जिसका कानून के शासन पर सीधा असर पड़ता है। यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि यदि उस पर आपराधिक कार्रवाई स्वचालित रूप से रद्द हो जाती है तो शिकायतकर्ता या पीड़ित के पास न्याय के लिए कोई अन्य उपाय नहीं बचेगा।
सरकारी कर्मचारियों के वेतन में अच्छी वृद्धि हुई लेकिन भ्रष्टाचार निरंतर जारी
हाईकोर्ट ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में अच्छी वृद्धि हुई है लेकिन भ्रष्टाचार निरंतर जारी है। मानवीय लालच की कोई सीमा नहीं है। भ्रष्टाचार से जुड़ा सामाजिक कलंक कम हो रहा है। भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने के जोखिम के तत्व को बढ़ाने की आवश्यकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि भ्रष्टाचार कम जोखिम और अधिक लाभ वाला है और यदि इसे अंतत: समाप्त करना है तो यह जरूरी है कि यह कम लाभ और उच्च जोखिम वाला बने। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।
जंजुआ ने छिपाई कोर्ट से जानकारी
हाईकोर्ट ने कहा कि जंजुआ ने चंडीगढ़ जिला अदालत को शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ झूठे सबूत तैयार किए गए हैं और फर्जी मामला तैयार किया गया है। जंजुआ ने हाईकोर्ट में लंबित याचिका में अपना जवाब दाखिल करते हुए बताया था कि जिला अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को विजिलेंस अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि जंजुआ ने 2019 के आदेश के बारे में तो बताया लेकिन यह नहीं बताया कि इस शिकायत को वह वापस ले चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव जैसा पद संभाल चुके व्यक्ति से इस आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती।