शिरोमणि अकाली दल ने फरवरी में होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी की है। पार्टी अपनी चार परंपरागत सीटों के अलावा भाजपा से दो और सीटें मांगेगी।
पार्टी प्रधान सुखबीर बादल ने सोमवार को ही संकेत दे दिए हैं कि शिअद पूरी संजीदगी से चुनाव लड़ने जा रहा है। उन्होंने तीन सीनियर नेताओं की कमेटी गठित की है। जो चुनावी रणनीति तैयार करने के साथ-साथ भाजपा के साथ भी तालमेल करेगी। कमेटी में सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और नरेश गुजराल को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही सुखबीर ने दिल्ली इकाई के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया है। मनजीत सिंह जीके के जाने के बाद से दिल्ली प्रदेश प्रधान का पद खाली था। सोमवार को ही इस पर दिल्ली गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका को नियुक्त किया गया। इसके साथ ही दिल्ली प्रदेश की 16 मेंबरी वर्किंग कमेटी भी घोषित की है। चुनाव से पहले इन नियुक्तियों को काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी दिल्ली में राजौरी गार्डन, हरि नगर, कालका जी और शाहदरा हलकों से चुनाव लड़ती है। लेकिन इस बार दो और सीटों पर दावा जताएगी।
कोआर्डिनेशन कमेटी के सदस्य प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बताया कि अपनी परंपरागत चार सीटों के अलावा पार्टी तिलक नगर और सदर सीटें भी भाजपा से मांगेगी। 2015 के चुनाव में भाजपा इन दोनों सीटों पर हार गई थी। बुधवार को कमेटी अपनी दिल्ली इकाई के साथ बैठक करेगी। वीरवार को भाजपा की स्थानीय इकाई के साथ बैठक की संभावना है। दिल्ली सरकार द्वारा विकास कार्यों में रुकावट ही चुनाव का प्रमुख मुद्दा होगा। राज्य सरकार का केंद्र के साथ कोई कॉर्डिनेशन नहीं रहा, जिसका नुकसान लोगों को उठाना पड़ा।
अकाली दल सभी सीटें अपने ही सिंबल पर लड़ेगा। गौरतलब है कि 2013 के चुनाव में शिअद सिर्फ राजौरी गार्डन सीट जीता था। जबकि, 2015 में वह चारों सीटें हार गया था। आप विधायक जरनैल सिंह के इस्तीफे के बाद 2017 में राजौरी गार्डन सीट पर हुए उप चुनाव में शिअद के मनजिंदर सिरसा भाजपा के टिकट पर जीते थे।