पंचकूला। औद्यौगिक क्षेत्र में फेस-2 में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए गए कच्चे नाले में सीवरेज का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। इधर, पीएमडीए की ओर से बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डाला गया है। अगर जमकर दो घंटे भी बारिश हो गई तो सेक्टर-19 में लोगों के घरों में सीवरेज का गंदा पानी भरेगा। वहीं, रेलवे लाइन को भी खतरा होगा। यह सच्चाई तस्वीरें बयां कर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल लाखों रुपये का घर का सामान बरसाती पानी भरने की वजह से खराब हो जाता है। इस बार सीवरेज का पानी भी बारिश के पानी के साथ लोगों के घरों में घुसेगा, जिसे लेकर लोग परेशान हैं। इस संबंध में पंचकूला विकास मंच ने पंचकूला उपायुक्त और डीआरएम को शिकायत दी है। उधर, रेलवे अधिकारी भी सोमवार को कच्चे नाले को डायबर्ट करने के लिए उपायुक्त को पत्र लिखेंगे।
नाला ओवर फ्लो होगा तो सेक्टर-19 के अंडरपास में भी भरेगा पानी
नाला ओवर फ्लो होगा तो सेक्टर-19 के साथ अंडरपास में भी सीवरेजयुक्त गंदा बरसाती पानी भरेगा। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि सेक्टर-19 को शहर से जोड़ने का अंडरपास मुख्य रास्ता है। अंडरपास से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इनमें सेक्टर-19, बलटाना, ढकोली और जीरकपुर के वाहन चालक शामिल हैं। अंडरपास में पानी भरा होने के कारण काफी लोग अपना रास्ता बदलकर ओवरब्रिज से शहर में पहुंचते हैं। ऐसे हालात में लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
पिछले साल तीन-तीन फूट तक भरा था, पानी
देवराज शर्मा ने बताया कि पिछले साल भी बरसात के बाद लोगों के घरों में तीन तीन फुट तक पानी भर गया था। बारिश का पानी घर में घुसने से सेक्टर निवासियों के घरों के कीमती सामान खराब हो गए थे। बेड, सोफा, फ्रिज और वाशिंग मशीन डूब गए थे। लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। स्थानीय निवासियों गौरव, मिनल, सहित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से पानी की निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। देवराज ने बताया कि नगर निगम ने कच्चे नाले पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन समाधान जीरो है।