चंडीगढ़। चंडीगढ़ के बाद हरियाणा सरकार ने सुखना लेक में सीवेज को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इसकी जानकारी यूटी प्रशासन को दी गई है। यूटी प्रशासन का कहना है कि पंजाब और हरियाणा लेक को संरक्षित करने में सहायता कर सकते हैं ताकि इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसके जल प्रवाह में कोई समस्या न आए। इसके लिए पंचकूला एरिया में पड़ने वाले 14 गांवों के लिए एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने परिषद के समक्ष रखी जाने वाली एक कार्रवाई रिपोर्ट में कहा है कि एमसी पंचकूला के माध्यम से कई कदम उठाए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी अपशिष्ट जल सुखना चो में प्रवेश न करे। शहरी परिवर्तन के लिए अतुल मिशन के तहत एमसी पंचकूला के अधिकार क्षेत्र के भीतर साकेत सहित 14 गांवों के लिए एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का काम आवंटित किया गया है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सुखना चो में सीवेज के किसी भी प्रकार के प्रवाह की जांच और घर के अपशिष्ट जल की जांच के लिए निकाय द्वारा साकेत गांव में सभी घरों का डोर-टु-डोर सर्वेक्षण किया गया था। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि यहां निर्मित चार चेक डैमों की ऊंचाई 2.5 फुट से बढ़ाकर 4.5 फुट कर दी गई है। वहीं, पंजाब सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी भी जल्द मिलने की बात कही जा रही है।