चंडीगढ़। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी निवारक हिरासत के दौरान संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि, अदालत का विस्तृत फैसला अभी जारी नहीं हुआ है।
अमृतपाल सिंह ने अदालत को बताया था कि उन्होंने केंद्र सरकार, लोकसभा अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित पक्षों को आवेदन देकर पैरोल की मांग की थी ताकि वह 28 जनवरी से 13 फरवरी और 9 मार्च से 2 अप्रैल तक दो चरणों में चल रहे बजट सत्र में हिस्सा ले सकें।
उनके खिलाफ जारी निरोधात्मक हिरासत आदेश राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं और उन्हें एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि उनकी निरंतर हिरासत से 19 लाख मतदाताओं की लोकतांत्रिक इच्छा प्रभावित हो रही है।
केंद्र ने अदालत को बताया कि अमृतपाल की संसद से लगातार अनुपस्थिति 59 बैठकों तक पहुंच चुकी है लेकिन इससे उनकी सदस्यता पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। सांसद अनुपस्थिति के लिए अवकाश का आवेदन दे सकते हैं, जिसे सामान्यतः संसदीय समिति द्वारा मंजूरी मिल जाती है।
केंद्र की ओर से यह भी बताया गया कि संसद में 60 बैठकों तक लगातार अनुपस्थित रहने पर सीट रिक्त घोषित किए जाने का प्रावधान है लेकिन यह नियम पूर्णत: अनिवार्य नहीं है और प्रत्येक मामले में संसद के स्तर पर विचार किया जाता है। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता यदि अवकाश के लिए आवेदन करते हैं तो उसे स्वीकार किए जाने की पूरी संभावना है और उनकी सदस्यता पर फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।