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‘बाहर से आने वाले लोगों को सीधे क्वारंटाइन सेंटर भेजें’

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कालका। कालका-पिंजौर क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव केसों में लगातार वृद्धि होने से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं। सर्वाधिक बाहर से आने वाले संक्रमित लोगों को लेकर लोग परेशान हैं। क्षेत्रवासियों की मांग है कि बाहर से आने वाले लोगों को सीधे घर भेजने की जगह उनको क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाए। कालका में क्वारंटाइन सेंटर बनाया जाए। वीरवार को भी 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। इसमें से अधिकांश लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री थी। लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को सीधे घर भेजने से आसपास के लोगों को परेशानी होती है।
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दुकानदारों को भुगतना पड़ता है खामियाजा
व्यापार मंडल कालका के प्रधान अनिल सूद का कहना है कि विभिन्न साधनों से शहर में आने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा सीधे ही घर जाने की अनुमति दी गई है। हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन लोगों को सेल्फ होम क्वारंटाइन होने की सलाह दी जाती है, परंतु इसके बावजूद भी ये घरों में रहते हैं या नहीं इस पर निगरानी नहीं रखी जाती। सूद ने कहा कि वहीं जब अचानक बाहर से आए ऐसे लोग कोरोना पॉजिटिव मिलते हैं तो इसका खामियाजा आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भुगतना पड़ता है। इसके साथ ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी संक्रमितों की संपर्क चेन का पता लगाने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
क्वारंटाइन सेंटर में लिए जाएं सैंपल
मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष तजिन्द्र चावला का कहना है कि हिमाचल के परवाणू सेक्टर-4 फ्लैट में क्वारंटाइन सेंटर बने हैं। इसी तरह पंचकूला, चंडीगढ़, मनीमाजरा में भी क्वारंटाइन सेंटर हैं। कालका में भी क्वारंटाइन सेंटर बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी परेशानियां झेलने से अच्छा होगा कि बाहर से आने वाले लोगों को कुछ दिन तक क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाना चाहिए और वहां पर इनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को उनके खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध करवाने में कोई समस्या आ रही है तो बाहर से आया व्यक्ति जिस भी अपने रिश्तेदार और सगे संबंधी के घर आया हो, उन्हें उसके भोजन की व्यवस्था करने की जिममेदारी सौंपी जानी चाहिए। यदि आवश्यक हो तो इनके कोविड-19 टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाने चाहिए और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही इनको घर भेजा जाना चाहिए।
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14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाए
कालका रेलवे रोड व्यापार मंडल के महासचिव एवं महा पंजाबी सभा के प्रधान एडवोकेट मुकेश सोढी ने भी सरकार से अपील की है कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाने चाहिए और 14 दिन उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखना चाहिए। सात दिन के बाद ही उनका कोरोना टेस्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें घर आने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में दिन प्रतिदिन कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और सभी की हिस्ट्री बाहर से आने वालों की है। दिल्ली, महाराष्ट्र इत्यादि से आने वालों को अवश्य क्वारंटाइन किया जाना चाहिए नहीं तो शहर में कोरोना के केस आग की तरह फैलते जाएंगे।
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