संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। माता मनसा देवी सेवा ट्रस्ट की ओर से दशहरा ग्राउंड सेक्टर-5 में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक जया किशोरी ने श्री कृष्ण विवाह, कृष्ण-सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि दुनिया जिओ, दुनिया घूमो, ताकि समझ आ जाए कि अंत में सुकून तो भगवान के चरणों में ही मिलेगा, लेकिन वह सब करने से पहले नहीं समझ आएगा। जब तक दुनिया घूमोगे नहीं, तब तक पता नहीं चलेगा, जब घूमोगे तभी पता चलेगा। वैराग्य तो व्यक्ति तभी लेगा जब जीवन जिएगा। जब उसे समझ आएगा कि कुछ रखा नहीं है वरना वैराग्य लेने के बाद भी मन मचलता रहेगा। पता नहीं क्या छूट गया। सब कुछ देख लो, लेकिन अंत में जवाब एक ही मिलेगा कि जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है।
जया किशोरी ने कहा कि हर कमरे में कृष्ण है, भगवान श्रीकृष्ण 16,108 क्या, पूरी दुनिया ही उनकी है। वह पुरुष-स्त्री के हिसाब से नहीं, बल्कि वह सब के पति हैं। देखा जाए तो माना जाता है कि रास में केवल श्री कृष्णा पुरुष के रूप में आ सकते हैं, क्योंकि पुरुष श्री कृष्ण ही हैं और कोई नहीं है। बाकी सब गोपियां हैं, गोपी मतलब यह नहीं कि महिला या पुरुष। गोपी मतलब हम सब, यदि सिर्फ स्त्री होता, तो भोले बाबा कैसे दर्शन कर पाते असली पुरुष केवल वह हैं जो सबके पति हैं। गोपी मतलब भक्त, बाकी सब गोपियां हैं। अंतिम दिन चेयरमैन संदीप गुप्ता, प्रधान सचिन गोयल, महासचिव रमन सिंगला, वाइस चेयरमैन हरीश गर्ग, वरिष्ठ उपप्रधान विवेक गुप्ता, उपप्रधान योगेश मित्तल, संयुक्त सचिव तरुण गर्ग, कानूनी सलाहकार संदीप गोयल, सचिव राजीव गुप्ता, वित्त सचिव अजय बंसल, मीडिया सलाहकार कुलदीप गुप्ता सहित अन्य को सम्मानित किया गया।