33 साल पहले बनवाया अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट रद्द
- फोटो : प्रतीकात्मक
33 साल पहले कपूरथला निवासी अरविंद द्वारा बनाए गए जाली अनुसूचित जाति के सर्टिफिकेट को पंजाब सरकार ने रद्द कर दिया है। उस सर्टिफिकेट के आधार पर उसने जो भी लाभ लिया है, उसे भी सरकार वापस लेगी।
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सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि उक्त सर्टिफिकेटों की जांच के लिए राज्यस्तरीय कमेटी बनाई हुई है। कमेटी की जांच में यह खुलासा हुआ है। सूबा सरकार राज्य के हर वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। राजेश कुमार मेहरा निवासी गांव और डाकघर लखनपाल जिला जालंधर की तरफ से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के पास शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
उन्होंने कहा था कि कपूरथला के निवासी अरविंद कुमार ने भोया जाति से संबंधित होने के बावजूद अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनाया है। भोया जाति पंजाब की अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं है। इस केस की जांच करने के बाद अरविंद कुमार का अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट जाली होने की पुष्टि हुई है। डिप्टी कमिश्नर, कपूरथला को पत्र लिख कर अरविंद कुमार के अनुसूचित जाति के 1989 सर्टिफिकेट को रद्द करने और जब्त करने की विनती की है। वहीं, उसने सर्टिफिकेट के बल पर कोई लाभ लिया होगा तो उसे भी वापस लिया जाएगा।