पंचकूला। सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में करीब 12 साल पहले हुए हमले और मारपीट के मामले में अदालत ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मुख्य आरोपित बहादुर सिंह की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की ओर से सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा। वहीं, सहआरोपी सुखजीत सिंह, सुरजन्त सिंह, हरविंदर सिंह और जगदीप सिंह को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
ये है मामला
यह मामला 9 अक्तूबर 2013 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है। शिकायतकर्ता मलकीत सिंह ने आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते बहादुर सिंह व परिजनों ने उनके घर में घुसकर हमला किया था। इस दौरान मलकीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा। मेडिकल रिपोर्ट में दाहिने हाथ की कलाई पर तेजधार हथियार से गहरा जख्म पाया गया था।
गवाहों ने अदालत में गवाही दी कि हमले के दौरान बहादुर सिंह ने गंडासी से वार किया था। पुलिस ने जांच में उसकी निशानदेही पर एक गंडासी भी बरामद की थी। अदालत ने माना कि बहादुर सिंह के खिलाफ सबूत ठोस और भरोसेमंद हैं, इसलिए उसकी दोषसिद्धि कायम रहती है। सुखजीत, सुरजन्त, हरविंदर और जगदीप सिंह के खिलाफ न तो कोई हथियार बरामद हुआ और न ही कोई पुख्ता सबूत मिले। चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देकर अदालत ने मुक्त कर दिया।